यूपी चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद से इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी का मुद्दा छाया हुआ है।
चुनाव प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में वीवीपीएटी सेट जोड़ना शुरू किया है.
इससे वोट देने पर पर्ची निकलेगी कि किसे वोट दिया है.
लेकिन अब यह कदम ही विवादों में घिर गया है.
भारत की कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मध्य प्रदेश के भिंड में ईवीएम का कोई भी बटन दबाने पर वीवीपीएटी मशीन से कमल यानी बीजेपी के निशान वाली पर्ची ही निकल रही है.
अभी इस मामले को लेकर लगातार अलग-अलग तर्क सामने आ रहे हैं.
मध्यप्रदेश में भिंड की अटेर सीट पर विधान सभा के लिए उपचुनाव होने हैं. इस सीट पर होने वाले चुनावों में हर ईवीएम के साथ वीवीपीएटी सेट जुड़ा होगा.
इसी से जुड़ी जानकारी देने के लिए 31 मार्च को भिंड के ज़िला पंचायत ऑफिस में चुनाव आयोग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी.
इसमें वीवीपीएटी का डेमो हुआ.
ईवीएम का बटन दबाया शालिनी सिंह ने, जो मध्य प्रदेश की मुख्य निर्वाचन अधिकारी हैं.
परन्तु वीवीपीएटी से जो पर्ची निकली उस पर सत्यदेव पचौरी नाम के साथ कमल का निशान बना हुआ था.
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इस भाषा में खबर लिखी गई है कि इसके बाद बटन दबाने पर भी भाजपा के निशान वाली पर्ची ही निकली.
ईवीएम में गड़बड़ी की शिकायत को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव आयोग पहुंचे.
उन्होंने कहा कि मशीनों में गड़बड़ है.
मशीन के भीतर छेड़छाड़ की गई है. केजरीवाल ने कहा कि देश में दोबारा बैलेट पेपर से वोटिंग हो. जांच होनी चाहिए. देश के साथ धोखा हो रहा है. केजरीवाल ने कहा कि इस तरह से सिर्फ बीजेपी को वोट जाएंगे और ईवीएम के कीचड़ से कमल निकलेगा.
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कांग्रेस नेता गोविंद सिंह लहार ने एक बयान दिया कि शालिनी सिंह ने सपा के चिह्न वाला बटन दबाया था और पर्ची निकली कमल के निशान वाली.
वीडियो को देखने पर साफ दिखता है. शालिनी सिंह ने चार नंबर की बटन दबाई और चार नंबर से सत्यदेव पचौरी भाजपा की पर्ची निकली.
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आप को बता दें की वैसे मशीन से कांग्रेस के निशान वाली की पर्ची भी निकली थी.
उधर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास की बात सामने राखी है.

मध्य प्रदेशः के बीजेपी नेता और प्रवकता दीपक विजयवर्गीय ने कहा है की उनकी पार्टी को चुनावी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है.
इस मामले में चुनाव आयोग ने कह दिया है कि वे पूरे वाकये की जांच कर रहे हैं.
भिंड कलेक्टर से मामले पर एक विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है.
अब सवाल यह है की क्या ईवीएम में गड़बड़ी हो सकती है?
