अमेरिका के प्रतिष्ठित मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी (MIT) में पढ़ने वाली एक भारतीय लड़की ने एक डिवाइस बनाई है जो हमले का अंदाजा लगा सकती है और महिलाओं को यौन हमलों से बचा सकती है.
मनीषा मोहन एमआईटी से मास्टर्स कर रही हैं. उन्होंने एक डिवाइस बनाई है जिसे नाम दिया है इंट्रेपिड. मोहन बताती हैं कि यह डिवाइस विभिन्न जरियों से अनुमान लगा सकती है कि यौन हमला होने वाला है.
एमआईटी ने इस बारे में बताता एक वीडियो यूट्यूब पर डाल रखा है. इस वीडियो के साथ दी गई जानकारी कहती है, "अमेरिका में हर 98 सेकंड्स में एक व्यक्ति पर यौन हमला होता है. हर 16वें घंटे में अमेरिका में कोई महिला अपने पार्टनर या एक्स-पार्टनर द्वारा कत्ल कर दी जाती है. यौन शोषण को संयुक्त राष्ट्र सबसे आम मानवाधिकार उल्लंघन मानता है. इंट्रेपिड अलग-अलग तरीकों से पड़ताल करता है कि हमला तो नहीं होने वाला है. और फिर संभावित पीड़ित को बताकर हमले की रोकथाम में मदद करता है."
यह डिवाइस एक स्मार्ट स्टिकर है जो ब्लूटूथ के जरिए स्मार्टफोन से जुड़ा होता है. इस स्टिकर को किसी भी कपड़े पर लगाया जा सकता है.
स्टिकर ऐप से जुड़ा होता है. ऐप में यूजर अपना और अपने पांच जानने वालों का फोन नंबर डाल सकता है. स्टिकर दो मोड्स में काम करता है. ऐक्टिव मोड और पैसिव मोड. ऐक्टिव मोड तब काम करता है जब पीड़ित अपनी रक्षा खुद नहीं कर पाता. तब दूसरे लोगों को मदद के लिए संदेश चला जाता है. पैसिव मोड में पीड़ित खुद अपने ऊपर हमले का जवाब दे सकता है.
