भारत की महिला क्रिकेट टीम वर्ल्ड कप में फाइनल नहीं जीत पाई. लेकिन इससे उनकी वीरता, उनका साहस और उनकी काबिलियत रत्ती भर भी कम नहीं हो जाती.
लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम 9 रन से हार गई. 229 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम जीत की दहलीज तक पहुंच ही गई थी. लेकिन इन लड़कियों ने इंग्लैंड में जो हासिल किया है, वह वर्ल्ड कप से कहीं ज्यादा है. वह है भारत में महिला क्रिकेटरों के लिए सम्मान और हिम्मत.
मैच हारने के बाद भारत के प्रधानमंत्री ने ट्विटर पर लिखा, "हमारी महिला क्रिकेटर्स ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. उन्होंने वर्ल्ड कप में अद्भुत कौशल और हठ का प्रदर्शन किया. गर्व है!"
और यही इस टीम की सच्ची तारीफ है. भारतीय टीम ने जब इंग्लैंड में अपने अभियान की शुरुआत की थी तो इसी इंग्लिश टीम को हराया था. तब तो बहुत से लोग जानते भी नहीं थे कि महिला वर्ल्ड कप शुरू हो चुका है. और फाइनल की रात लोग नतीजे का इंतजार कर रहे थे. उदासीन लोगों को टीवी तक खींच लाना इस टीम की असली जीत है.
पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग लिखते हैं, "आज किस्मत ने साथ नहीं दिया लेकिन भारत में महिला क्रिकेट का आगमन हो चुका है. शुक्रिया लड़कियो."
गौतम गंभीर लिखते हैं, "आपने हमें सपना दिखाया. आपने हमें यकीन दिलाया. आपको देखना ही असली सम्मान था."
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी टीम को बधाई दी है. उन्होंने लिखा है कि आप लोगों ने दिल जीत लिये हैं.
ऐक्टर अक्षय कुमार ने इंग्लैंड में मैच देखा. उन्होंने एक फोटो के साथ ट्वीट किया है कि इन लड़कियों ने एक क्रांति की शुरुआत कर दी है.
