आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के मुखिया सैयद सलाहुदीन ने कहा है कि उसने भारत में कई आतंकवादी हमले किए हैं और कभी भी ऐसे हमले किये जा सकते हैं.
पाकिस्तानी चैनल जियो टीवी को दिए एक इंटरव्यू में सलाहुद्दीन ने कहा कि भारत में कभी भी हमला किया जा सकता है. सलाहुद्दीन को अमेरिका ने 26 जून को वैश्विक आतंकवादी की श्रेणी में रखा था.
इंटरव्यू में सलाहुद्दीन ने कहा, "अब तक हमारा ध्यान भारत की कब्जा करने वाली सेनाओं पर था. जितने भी ऑपरेशंस अब तक हमने किए हैं या कर रहे हैं, उनके केंद्र में सेना ही थी." सलाहुद्दीन ने माना कि उसने भारत में कई आतंकी हमलों को अंजाब दिया है.
इस इंटरव्यू पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी किया है कि इससे पता चलता है कि आतंकवादी संगठनों और उनके नेताओं को पाकिस्तान में कितनी आजादी मिली हुई है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "यह बेहद अफसोस की बात है कि पाकिस्तान में वरिष्ठ लोग ऐसे अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की गतिविधियों को जायज ठहराना जारी रखे हुए हैं. पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद की नीति छोड़नी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कर्तव्यों का पालन करते हुए अपनी जमीन पर आतंकवादी गतिविधियों को रोकना चाहिए."
सैयद सलाहुद्दीन ने कश्मीर को अपना घर बताया और कहा कि पिछले साल बुरहान वानी की मौत ने घाटी में क्रांति को जन्म दिया. पिछले साल जुलाई में भारतीय सेना ने एक मुठभेड़ में आतंकी बुरहान वानी को मार गिराया था. जियो को दिए इंटरव्यू में सलाहुद्दीन ने कहा कि वह कोई शांतिपूर्ण समझौता नहीं होने देगा और कश्मीर से और ज्यादा आत्मघाती आतंकवादी बनाएगा. उसने कहा, "भारत में हमें समर्थन है और हम कभी भी, कहीं भी हमला कर सकते हैं."
सलाहुद्दीन ने कहा कि 9/11 हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य बदल गया है. उसने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार से हथियार खरीदता है. सलाहुद्दीन खुद को आतंकवादी नहीं मानता बल्कि आजादी के लिए लड़ने वाला सिपाही बताता है. 71 वर्षीय सलाहुद्दीन ने कहा कि कश्मीर की आजादी के लिए उसकी जंग जारी रहेगी.
