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Asha Bhosle dies at 92: Bollywood icon’s legacy lives on through global and local artists

Legendary singer Asha Bhosle (extreme left) is remembered by (L-R) singers Rucha Lange, Pupinder Mintu, and Heena Sachdeva as a thorough professional, who had an unparalleled range of singing. Credit: Getty / Rafiq Maqbool/AP/Supplied
Asha Bhosle has died in Mumbai at 92, marking the end of an era in Indian music. Across eight decades and more than 11,000 songs, her genre-spanning voice reshaped Bollywood and reached audiences around the world. In this SBS Hindi podcast, three Indian-origin singers in Australia reflect on her legacy and lasting influence, tracing how her music continues to shape artists across cultures, borders and generations.
[intro music]
भारतीय संगीत की जानी-मानी आवाज आशा भोसले, जो पिछले 83 वर्षों से लोगों के दिल की
धड़कन बनी हुई थी, बीते दिन हृदय गति रुक जाने से अब नहीं रही। आशा भोसले ने अपने
जीवनकाल में विविध भारतीय भाषाओं में 12,000 से अधिक गीत record किए। उन्हें दो ग्रैमी
नॉमिनेशंस मिले और भारत में उनको दादासाहेब फाल्के सम्मान और पद्म विभूषण से
भी सम्मानित किया गया। आठ दशक लंबे उनके career, भारतीय संगीत और सिनेमा को उनके
योगदान को श्रद्धांजलि देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया
-प्लेटफार्म X पर लिखा कि- -"चाहे उनकी भावपूर्ण धुनें हों या ऊर्जावान
रचनाएं, उनकी आवाज में एक काल के परे चमक थी।"
आशा भोसले सुरसम्राज्ञी लता मंगेशकर की छोटी बहन हैं। उनके परिवार में संगीत के संस्कार
उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने डाले। दुनिया भर के संगीत प्रेमियों में एक शोक की लहर
दौड़ गई है। ऐसे में हमने बात की ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले कुछ भारतीय
गायकों से और उन्होंने बताया कि उनके लिए आशा ताई क्यों खास हैं। हिना सचदेव लंबे समय
से स्टेज सिंगिंग कर रही हैं। सिडनी स्थित यह कलाकार अनगिनत बार आशा भोसले के गीत मंच
पर गा चुकी हैं। वे कहती हैं कि आशा जी उनकी हर याद का हिस्सा जैसे हैं।
आई थिंक हर सिंगर के लिए आशा जी खास रही हैं। जो उनका कंट्रीब्यूशन रहा है बॉलीवुड
में, वो आई थिंक इंडिया के पॉप कल्चर की बहुत बड़ी,
अ, बहुत बड़ा हिस्सा रहा है उनका। तो सच कहूं तो ये सिर्फ इंडस्ट्री के लिए लौस नहीं
है, ये हम सबके लिए एक पर्सनल लौस है बिकॉज़ उनकी आवाज के साथ हम, अ, बड़े हुए
हैं। उनकी आवाज हमारी जिंदगी के हर एहसास का हिस्सा है। चाहे, यू नो, खुशी की बात
करें, दर्द हो, प्यार हो। आई थिंक जिस, अ, बखूबी से वो हर रंग को निभाती थी, जो भी
गाना वो गाती थी, उनका एक अलग और एक स्पेशल और यूनीक स्टाइल होता था।
वहीं अपनी दादी से संगीत की औपचारिक शिक्षा पाने वाली गायक रुचा लांगे बताती हैं कि आशा
-जी के पास सच्चा सुर था। -मेरे लिए आशा जी जैसे मानो कि कोई गंधर्व
लोक से उतरे हो, वैसे उनका संगीत है और उनकी आवाज में जो एक पवित्रता
है और एक आवाज में जो सच्चाई है, अभी भी मैं है बोलूंगी क्योंकि मुझे अभी भी लगता है कि
हमारे साथ ही है आशा जी। वो मुझे सबसे ज्यादा भाती है और बहुत सीखने को मिलता है।
30 वर्ष से अधिक समय से प्रोफेशनल सिंगिंग और स्टेज शोज़ करने वाले पुपींदर
-मिंटू उन्हें एक प्रेरणा बताते हैं। -जैसे हम सिंगिंग बोलते हैं ना कि आप, हमें
बचपन से सिखाया जाता है classical सीखो, फिर वॉइस ट्रेनिंग. वो एक कम्पलीट आर्टिस्ट थीं।
मतलब कोई ऐसी चीज बची नहीं थी उनसे
कि अगर उन्होंने कोई चीज ना सीखी हो। शी वॉज़ एन इंस्पिरेशन. वो तो हमारे लिए एक
-प्रेरणा थी मतलब। -वे कहते हैं कि आशा जी का अपने काम के प्रति
समर्पण अद्वितीय था। उनसे हुई एक मुलाकात की चर्चा करते हुए वे कहते हैं-
मैं तो बॉम्बे में उनसे मिला था जब वो रिकॉर्ड कर रही थी। एक राजू सिंह जी के साथ
एक उनकी रिकॉर्डिंग हो रही थी। उस टाइम पर प्राइवेट एल्बम कर रही थी वो। देयर वॉज़ अ
क्विक मीटिंग ओवर देयर। मतलब शी वॉज़ सो-- माय गॉड, आई मीन,
यू कैन यू इमेजिन कि हैविंग अनदर-- व्हॉट अ रेंज, आई मीन, द वे शी वॉज़
द प्रोफेशनल।
इतना कुछ जिंदगी में सहा हुआ, स्टिल 100% प्रोफेशनलिस्म अगर सीखना हो तो इनसे सीखा
-जाए। शी वॉज़ जस्ट अनबिलीवेबल। -जिस दुख की बात वे करते हैं, उसमें आशा जी
के पहले पति द्वारा उपेक्षा, यहां तक कि घरेलू हिंसा तक सहने की बात आती है। लेकिन
समाज से ना डरते हुए अपने सुर का हाथ पकड़कर आशा जी ने अपनी राह अलग बनाई थी। बाद में
उन्होंने आर.डी. बर्मन के साथ दूसरा ब्याह भी रचाया था। अपने जीवन से, सुर साधना से वे
कई लोगों की आदर्श बनी। हिना बताती हैं कि उन्होंने आशा ताई से क्या सीखा।
उनकी जो बात मुझे इंस्पायर करती है हमेशा वो है कि वो कभी भी अपने स्टाइल को ना सीमित
नहीं रखती थी। मतलब उनका स्टाइल अगर आप उनका बैकग्राउंड देखें एंड यू नो, जिस तरह के
गाने उन्होंने गाए हैं तो देयर आर -- उसमें गजल हैं, रोमांटिक गाने हैं, मस्ती भरे
गाने हैं, बोल्ड एक्सप्रेशंस हैं, देयर इज़ बहुत कुछ है ऐसा जो उन्होंने किया है। और
सबसे अनोखी बात ये है कि उन्होंने वो सब कुछ किया और हर चीज में एक अलग ही चमक होती थी।
कोई भी गाना एक दूसरे जैसा सुनाई नहीं देता था। हर गाने में वॉइस का डिफरेंट
टेक्सचर, डिफरेंट इमोशन, हर चीज होती थी। तो एक सिंगर के लिए आई बिलीव, अ, बहुत
बड़ी सीख है कि अपनी आवाज को
यू नो, हर इमोशन के साथ कैसे आप ईमानदारी से कनेक्ट कर सकते--
वे आगे कहती हैं कि कौन से गीत उनके दिल के बेहद करीब हैं।
तो देयर आर सांग्स लाइक कि मुझे जैसे समथिंग लाइक "दिल चीज क्या है" बहुत पसंद
है क्योंकि उसमें जो नजाकत, जो अदा, उसी तरह दूसरे गाने हैं लाइक "मेरा कुछ सामान",
अगेन दैट इस लाइक e बहुत ही गहरा छूने वाला गाना है। बहुत सिम्पलिसिटी और
इमोशनल गाना है बट देन एट द सेम टाइम, अ, बहुत टफ है उस इमोशन को
निभाना। देन एट द सेम टाइम अगर यू नो, आप वर्सेटालिटी की बात करें तो देन
देयर आर सांग्स लाइक "पिया तू अब तो आ जा" तो अ कम्पलीट डिफरेंट एनर्जी,
कॉन्फिडेंस, उसका परफेक्ट एक्साम्प्ल है फॉर दैट मैटर उनका वो गाना। तो उनके बहुत
सारे, इन फैक्ट नॉन फिल्मी गाने भी मुझे पसंद हैं। एक गाना था जो उन्होंने जगजीत
सिंह जी के साथ गाया था, अ, "जब सामने तुम आ जाते हो" अगेन आई थिंक एज़ अ 90s किड वो
गाना मैंने बहुत सुना है and मैंने बहुत गाया भी है एट दैट टाइम।
वहीं रुचा लांगे की दादी मालती लांगे प्रशिक्षण के दौरान रुचा को आशा ताई का
-उदाहरण देती रही हैं। -स्पेशली मुझे दादी हमेशा अभी भी कहती है
कि जो आशा जी का जो सुर है बहुत पक्का है। जैसे उनका जो सुर है एकदम जैसे तोकदार सुर
होते हैं, उनके जो सुर है बहुत ही perfect लगते हैं। तो दादी अभी भी वही बोलती है कि
कुछ अगर वैसे सुर लगाने तो आशा जी को ही सुनो। आशा जी एक तो बहुत वर्सेटाइल सिंगर
हैं जैसे हम सब जानते हैं। जैसे कि, अ, उन्होंने काफी भजन भी गाए। फिर "मेरा
कुछ सामान" जैसे सैड सॉन्ग है वो ली-लीजिए फिर या तो प्लेफुल सॉन्ग लाइक "अभी ना जाओ
छोड़ कर" या तो फिर
आर.डी. बर्मन के एरा में जिन्होंने-- जब वो मॉडर्न म्युज़िक आया तो पूरा ट्रांज़िशन हो गया
राइट उस वक्त। तब उन्होंने "कैबरे" भी गाया। एंड ग़ज़ल जैसे "सलोना सा सजन है" और
गुलाम अली खान साहब के साथ जो उनका पूरा अल्बम है। तो
अभी भी वो सब ग़ज़ल अभी भी तैयारी ऐसे लाइक सुन-सुन के ऐसे लगता है कि अरे जो
थोड़े साल पहले पता चल रहा था अभी जाकर कुछ और पता चल रहा है। तो उतनी डेप्थ थी उनके
-गाने में। -गायक पुपिंदर मिंटू चर्चा करते हैं कि कैसे
आशा भोसले ने कई भारतीय भाषाओं में गीत गाए और कैसे भारत में प्योर पॉप को प्रचलित किया।
वो तो इनकी खासियत थी। लता जी की, आशा जी की
मतलब हर लैंग्वेज में गाया इन्होंने। पंजाबी हो, मराठी हो, मराठी तो बहुत थी।
गुजराती हो, असमी हो, बंगाली हो, भजन हो।
किसी भी तरह गए। दे वर जस्ट सो अमेज़िंग हाउ दे वुड।
उसमें जब आप दूसरी लैंग्वेज में स्पेशली जब गाते हो तो प्रोनन्सिएशन इतने परफेक्ट
है ये लोग। म्युज़िक को
अगर हमारे हिंदुस्तानी फिल्म म्युज़िक को किसी ने एक प्योर पॉप दिया है
या एक प्योर क्लासिकल दिया है वो सिर्फ आशा जी थी वो। चाहे वो डिवोशनल हो, वो
कव्वाली हो,
पॉप हो,
फिल्म सॉन्ग हो,
रीजनल हो। शी वॉज़ एन ऑल राउंडर।
यू कांट लुक बियॉन्ड कि एनीवन
एल्स किन मैच हर। नो वे। शी वॉज़ जस्ट टू गुड।
हिना और रुचा दोनों ही चर्चा करती हैं कि आने वाली पीढ़ी आशा ताई से क्या सीख सकती
-है। -आई थिंक आशा जी की जो लीगेसी है वो हर आने
वाले सिंगर को लाइक एनी फ्यूचर सिंगर को ये डेफिनिटली सिखाएगी कि म्युज़िक में कोई
लिमिट नहीं होती बिकॉज़ उन्होंने हर ज्यौनरा को इतनी बखूबी से निभाया है।
हमने तो सीखा ही है बिकॉज़ वी हेव ग्रोन अप लिसनिंग टू हर। बट आई एम श्योर कि हर
आने वाली जेनेरेशन उनसे यही सीखेगी कि कैसे नए स्टाइल्स को अपनाना है, कैसे
एक्सपेरिमेंट करना है जो कि यू नो आज की जेनेरेशन बहुत ट्राई भी करे। दे आर
ट्राइंग टू एक्सपेरिमेंट एंड डू न्यू थिंग्स। और फिर भी कैसे इवन एक्सपेरिमेंटेशन में अपनी
आवाज़ की एक पहचान बनाना और अपने आप को ऑथेंटिक रखना वो कितना जरूरी है। आई थिंक
आल ऑफ़ दैट आने वाली जेनरेशन्स उनसे डेफिनिटली सीखेंगे।
वो है नहींफिज़िकल फॉर्म में हमारे साथ। पर उनकी आवाज़ में जो ग्रेस था, एक जो
टाइमलेस ब्यूटी है, इट्स एवर अलाइव विथ अस। सो, मुझे तो ऐसे लग ही नहीं रहा है कि
शी इज़ नॉट देयर। और अभी भी ऐसे लगता है कि चले तो गए हैं बट यू नो अभी भी दिल तो
अभी भी भरा नहीं। सो दिल अभी भरा नहीं है एंड हमारे साथ ही है वो ऑलवेज।
सच ही है। आज भले ही वे हमारे बीच नहीं रही हों लेकिन उनके नगमे, उनके गीत, उनका सुर
हमारे बीच उनकी याद का तारा बनकर सदा चमकता रहेगा। एसबीएस हिन्दी आशा भोसले को
अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है। एसबीएस हिंदी से आपके लिए इस रिपोर्ट को
प्रस्तुत किया वृषाली जैन ने।











