Writer, Poet, and Motivational speaker Nupur Jaiswal spoke to SBS Hindi about her favourite topics to write on, use of technology in the field of literature and also recited her poetries.
लिखिका, कवियत्री और मोटिवेशनल स्पीकर नूपुर जैस्वाल हिंदी साहित्यजगत की जानीमानी प्रतिभा है. हाल में ऑस्ट्रेलिया आई हुए है. अपनी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के दौरान उन्होंने इस बी इस हिंदी की मुलाकात ली. इस बी इस हिंदी से खास बातचीत दौरान नुपूरजीने साहित्य में आ रहे बदलाव और खासकर महिला साहित्यके विषयवस्तु - प्रस्तुति, डिजिटलाइजेशन के साहित्य क्षेत्रमे बढ़ते प्रभाव और अपने लेखन के प्रिय विषय पर अपनी बात रखी.
साहित्य में आ रहे बदलाव और खासकर महिला साहित्यके विषयवस्तु - प्रस्तुति के विषयमे उन्होंने कहा के किसीभी रचनाकार की रचना उसके व्यक्तिगत अनुभव आधारित रहती है, महिला साहित्यमे कुछ अनुभव की मर्यादाके कारण महिला साहित्यको अलग श्रेणी का माना जाता था लेकिन अब साहित्य - महिला साहित्य में काफी नै सोच के साथ नए विषय आ रहे है और बहेतरीन प्रस्तुति की जाती है.
नूपुरजी अलग अलग विचारदायी विषयो पर लेखन और कविता लिखती है. “विसंगतियों के व्यूह में”, “विचार वीथि “, “दर्पण”, “यादों के झरोखों से”, “स्त्री लेखन एक विमर्श” जैसे संग्रहों में उनकी रचाए रचना प्रकशित हुए है. हालही में "मेरे मन का शहर" नामक एक और काव्य संग्रह भी प्रकाशित हुआ है. नूपुर जैसवाल मानव संवेदनाओ को छू जाये और पाठकको विचार करनेकी प्रेरणा दे ऐसे विषयो पर काम करना पसंद करती है.
साहित्यक्षेत्रमे इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्मके बढ़ते उपयोग पर उनका कहना था के साहित्यके लिए ये प्रवाह लाभदायी और घातक दोनों हो सकता है. किसीभी लेखक या कविको अपनी रचना पड़कोटक पहुंचने से पहले एक बार खुद सपादक बनकर जांचनी चाहिए.
इस बी इस हिंदी के श्रोतामित्रोंके लिए उन्होंने अपनी दो कविताओंका पठन भी किया .
