‘Families unable to cope emotionally’: Community rallies around young Indian-origin drowning victims in NSW

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Sachin Khillan (L) and Sahil Batra tragically drowned in an accident at the Mid North Coast of NSW last weekend. Sunita Kalkal (inset) started a crowdfunding campaign to support the families and raised over $140,000. Credit: Supplied by Sunita Kalkal

More than $140,000 has been raised by the community to support the families of two men who lost their lives at the Never Never River in NSW. Fundraiser organiser Sunita Kalkal, a family friend of Sahil Batra, expresses gratitude for the compassion shown by volunteers and supporters. Sachin Khillan’s coworker Preeti Barot remembers him warmly and speaks about how colleagues are coping. However, both speakers call for empathy and sensitivity in online conversations, noting the lasting impact of negativity on grieving families.


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[म्यूज़िक] ऑस्ट्रेलिया डे लॉन्ग वीकेंड पर

न्यू साउथ वेल्स की नेवर नेवर रिवर पर खुशी के और उल्लास के पल तब दुख के काले साये में

घिर गए, जब दो भारतीय मूल के युवा, सचिन खिल्लन और साहिल बत्रा, नदी में प्रवेश करने

के कुछ क्षणों में ही बेहद तेज धारा में बह गए, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई। कॉफ्स्

हार्बर के स्थानीय समुदाय और सूत्रों के अनुसार, प्रवेश करते समय इन दोनों पुरुषों

और उनके परिवारों को पानी उथला ही लगा था, लेकिन अचानक आए बहाव में वे संभल

न सके। अब इन युवा परिवारों की सहायता के लिए एक क्राउड फंडिंग कैंपेन शुरू किया गया

है, जिसमें यह खबर लिखे जाने तक एक सौ चालीस हज़ार डॉलर से अधिक की राशि

एकत्रित कर ली गई थी। हमने बात की इस कैंपेन की आयोजक सुनीता कलकल से। वे साहिल

बत्रा को व्यक्तिगत रूप से जानती थीं। उन्होंने बताया कि उन्होंने यह फंडरेज़र

-क्यों शुरू किया? -साहिल की बहन मेरे घर केबगल में, मतलब हम साथ, हम

पड़ोसी हैं और साहिल के जो जीजाजी हैं, उनको मैं इंडिया से जानती हूं और काफी सालों

से जानते हैं। साहिल का अपनी बहन और फैमिली के साथ बहुत ही स्ट्रांग बॉन्ड रहा है।

सुमित, जो साहिल के जीजाजी हैं, उनको फोन आया कि साहिल के साथ यह दुर्घटना घट गई।

उसके बाद उन्होंने हमें बताया तो हम लोग उनके पास गए। हम फैमिली की सरकमस्टैंसेस को

भी जानते हैं कि...

देखो, साहिल घर में सबसे छोटा था और ही वॉस न्यू माइग्रेंट टू ऑस्ट्रेलिया। लुकिंग एट द

सिचुएशन, साहिल के पिताजी काफी बीमार हैं। हालांकि यह दुर्घटना घटी। ऑफ कोर्स, फैमिली

चाहेगी कि भाई, हमारे बच्चे को घर लेकर आओ। फाइनेंस की तरफ देखा कि कितने फाइनेंस

अवेलेबल होंगे, कितना खर्चा आएगा।

यहां से भी परिवार है, जिसको

साहिल के साथ इंडिया जाना है फ्लाइट में। तो

टोटल मिला के इट लुक्स वेरी एक्सपेंसिव। ऊपर से फैमिली काम नहीं कर पाएगी, तो फाइनेंस

इज़ अ बिग थिंग नाव अ डेज़ फॉर एवरीवन। तो मुझे लगा कि शायद हम अगर पर्सनल तौर पर उनको

सपोर्ट करें तो इट विल बी नॉट एनफ। सो आई स्पोक टू द फैमिली एंड दे एग्रीड।

वे बताती हैं कि साहिल बत्रा का पूरा परिवार गहरे शोक में है।

दे कांट इवन

टॉक ऑर दे आर

इन डिनायल स्टेज। पेरेंट्स आर नॉट कोपिंग एट ऑल एंड ही वाज यंगेस्ट, बोथ ऑफ द बॉयज वर

यंगेस्ट वन इन द फैमिली एक्चुअली। दे आर नॉट कोपिंग, इमोशनली दे आर नॉट कोपिंग एट ऑल।

सुनीता कलकल समझाती हैं कि जमा हुई धनराशि दोनों परिवारों में आधी-आधी बांटी जाएगी।

फिफ्टी फिफ्टी! हां, जब फंड शुरू किया तो आई स्पोक टू बोथ फैमिली्स

एंड दे ऑल एग्रीड एंड जो भी हमने फंडिंग के लिए फोटो यूज की है या स्टोरी यूज की है, इट

-हैज़ ऑल कम फ्रॉम दें। -समुदाय के समर्थन पर वे कहती हैं कि शोकाकुल

परिवार को इस समय समुदाय का समर्थन प्राप्त है।

कम्युनिटी है, जो फ्रेंड्स हैं, जो हम जैसे

के मेंबर्स हैं, उनको हेल्प आउट कर कर रहे हैं। इसी तरह से एक हरियाणवी एसोसिएशन है,

वो लोग उनको ग्राउंड पे हेल्प कर रहे हैं कि पेपरवर्क कैसे करवाना है, फ्यूनरल के लिए

अरेंजमेंट कैसे करने हैं?

-सो देअर आर मेनी, मेनी पीपल हेल्पिंग दें आउट। -वहीं, सचिन खिल्लन सिडनी में कारपेंट्री

टीचर थे। उनकी टीम प्रबंधक प्रीति बरोत बताती हैं कि उनके पूरे संस्थान के लिए यह

हादसा अकल्पनीय था। -एवरीवन वाज इन शॉक एज़ वेल एज़ सैड। पहली

इंस्टंट पे तो किसी, किसी को एक्सेप्टेबल ही नहीं था कि यह न्यूज सही है एंड सबकी

प्रतिक्रिया वही थी, जो पूरी कम्युनिटी की, पूरे...

आई कैन से, जो इंडियन कम्युनिटी है, ऑस्ट्रेलिया में सबकी है, सेम ही थी कि

एवरीवन वाज लाइक सो सैड। ये न्यूज सुनके ऑर्गनाइजेशन लेवल पे वी आर ट्राइंग टू हेल्प

इन एनीवे वी कुड हेल्प हिज़ फैमिली। -वे कहती हैं कि सचिन एक बेहद खुशनुमा

व्यक्ति थे। -सचिन, अ... मैं बोल सकती हूं कि बहुत ही खुश

मिजाज, बहुत ही पॉजिटिव एंड

वेरी एनर्जेटिक यंग मैन, जिसको, जिसको बहुत ही अच्छा लगता था बच्चों को पढ़ाना एंड,

एंड ही वाज लाइक वेरी

काम, हैप्पी विद एवरीवन। वो बहुत ही सुलझे हुए एंड बहुत ही खुशनुमा इंसान थे।

सचिन के जाने के बाद उनके छात्रों पर पड़ने

-वाले प्रभाव पर प्रीति कहती हैं कि- -वेदर इट्स

हिज़ कोलीग और द मैनेजमेंट और द स्टाफ और द स्टूडेंट, अभी तक किसी को भी विश्वास नहीं

हो रहा है। हमारा कैंपस एडिलेड, मेलबर्न और सिडनी हर जगह है, तो सारे कैंपस से मुझे

मैनेजर लेवल के लोगों का फोन आ रहे हैं कि आप जाकर आइए, आप देखिए, आप उनकी फैमिली से

पूछिए, किस वे में हम उनकी हेल्प कर सकते हैं।

सचिन खिल्लन और साहिल बत्रा, दोनों के परिवारों के लिए ही यह एक अपूर्णीय क्षति

है। ऐसे में सुनीता कलकल जहां एक ओर समुदाय का उनके समर्थन के लिए धन्यवाद अदा करती

-हैं... -सोशल मीडिया इज क्वाइट काइंड एंड दे आर

ट्राइंग टू हेल्प अस, हेल्प टू स्प्रेड द न्यूज अराउंड एंड वी विल लाइक टू से थैंक यू

टू द मीडिया। थैंक यू टू द कॉफ्स् हार्बर कम्युनिटी, दे रियली स्टैंड्स फॉर दिस, दीज़

फैमिली्स व्हेन दे वर देअर। ऑल द वॉलंटियर्स हु आर हेल्पिंग आउट, इट इज अ बिग थैंक यू

-फॉर एवरीवन एक्चुअली। -वहीं दूसरी ओर याद भी दिलाती हैं कि ऑनलाइन

आई टिप्पणियां किस तरह पहले से ही द्रवित परिवारों को और तोड़ देती हैं।

जब उनको...

न्यूज फेसबुक पर या कहीं भी जाता है और जो कमेंट्स वहां पर आते हैं, वो कितने हार्श

होते हैं! इट इज रियली टेकिंग अ टोल ऑन सम ऑफ द फ्रेंड्स एंड फैमिली एज़ वेल। इट इस टू

द लिमिट की दे डोंट वांट टू टॉक टू मीडिया एट ऑल नाउ।

-कुछ ऐसा ही कहना रहा प्रीति बरोत का भी। -जो मैंने सोशल मीडिया पर देखी, मैं हाईलाइट

करना चाहूंगी। इफ यू कांट स्प्रेड लव और पॉजिटिविटी, कांट स्प्रेड द हेट। अगर आप कुछ

मदद नहीं कर सकते हैं, तो आप नेगेटिविटी न फैला के चुप रह के मदद कीजिए परिवार की।

एक सामुदायिक कार्यकर्ता होने के नाते सुनीता कलकल लोगों से चलते-चलते आग्रह करती

हैं कि पानी में जाने से पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान अवश्य रखें ताकि ऐसे हादसे टाले जा

-सकें। -इट्स नॉट ओनली फॉर इंडियन कम्युनिटी, बट इट

इज ऑल्सो फॉर ऑस्ट्रेलियन एंड वर्ल्ड वाइड थिंग। आई वुड लाइक टू से कि प्लीज स्टे अवे

फ्रॉम अननोन और अनफैमिलियर वॉटर, इवन व्हेन इट लुक्स वेरी काम एंड शैलो, इट कैन बी

एक्सट्रीमली डेंजरस एंड इट कैन चेंज विदाउट वॉर्निंग एंड दैट्स व्हाट हैपन इन दिस केस

-दैट आई हैव बीन टोल्ड। -इस रिपोर्ट में दी गई जानकारी द्रवित कर

सकती है। यदि आप या आपके किसी परिचित को सहायता की आवश्यकता है, तो लाइफलाइन

क्राइसिस सपोर्ट से एक तीन एक एक एक चार पर संपर्क करें। अधिक जानकारी के लिए बियोंड

ब्लू डॉट ओआरजी डॉट एयू और लाइफलाइन डॉट ओआरजी डॉट एयू पर जाएं।

[म्यूज़िक]

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