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बधाई हो बेटी हुई है; वह भी निशुल्क: भारत के 17000 डॉक्टरों का मिशन

एक डॉक्टर का यह निर्णय की बेटी होने पर वह पैसा नहीं लेंगे अब अन्य डॉक्टरों को भी ऐसा ही कुछ करने के लिये प्रेरित कर रहा है.

Mother with newborn baby
Mother with newborn baby Source: BURGER/PHANIE

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By Amit Sarwal



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भारत में लड़के और लड़की के बीच भेदभाव करना आज भी एक बड़ी समस्या है. 

परंतु एक डॉक्टर का यह निर्णय की बेटी होने पर वह पैसा नहीं लेंगे अब अन्य डॉक्टरों को भी ऐसा ही कुछ करने के लिये प्रेरित कर रहा है.

सात साल पहले डॉ गणेश रख ने अपना यह मिशन शुरू किया था

इसके साथ ही भारत सरकार की पहल 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' भी काफी असरदार हो रही है.

आज डॉ गणेश रख के दफ्तर के आंकड़े दर्शाते हैं की भारत-भर से लगभग १७००० डॉक्टर और मेडिकल छात्र उनके इस मिशन का हिस्सा बन गए हैं.

Dr Ganesh Rakh
Dr Ganesh Rakh Source: Dr Ganesh Rakh Facebook

४१ वर्षीया डॉ रख ने स्वयं भी बचपन से मुशिकलों का सामना किया है.

उनके पिता एक कुली थे और इस कारण उनके से कई बार भेदभाव हुआ.

हो सकता है अब डॉ रख और १७००० अन्य डॉक्टरों को देख भारत के जन-जन में बेटियों के प्रति स्नेह और सम्मान बढ़ेगा.


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