जर्मनी में रह रहे भारतीय मूल के एक दंपती पर देश के सिख और कश्मीरी समुदाय की जासूसी के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है.
समाचार एजेंसी असोशिएटेड प्रेस के मुताबिक जर्मन अधिकारियों ने बताया है कि 50 वर्षीय मनमोहन एस और उनकी पत्नी 51 वर्षीय कंवलजीत के खिलाफ जर्मनी के निजता संबंधी कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
जर्मन अधिकारियों ने एक बयान जारी कहा, "मनमोहन एस ने भारत की जासूसी एजेंसी रॉ के एक अधिकारी को जर्मनी में रह रहे सिखों और कश्मीरी लोगों और उनके परिवारों के बारे में जानकारी देने पर सहमति जताई थी."
अधिकारियों का कहना है कि मनमोहन हर महीने रॉ के अफसर से मिलते थे और तब उनकी पत्नी भी उनके साथ होती थी. जुलाई और दिसंबर 2017 के बीच ये मुलाकातें हुईं जिनकी एवज में इस दंपती को 7200 यूरो का भुगतान किया गया.
इन आरोपों के साबित होने पर इस दंपती को दस साल तक की कैद हो सकती है.
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