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बिहार में NDA की बहार, पर नीतीश बन पाएंगे CM फिर एक बार?

बिहार में एक बार फिर सत्तारूढ़ एनडीए की सरकार बनने जा रही है। हालांकि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनता दल राज्य की सबसे बड़ी पार्टी है लेकिन एनडीए ने बहुमत के लिए जरूरी 122 सीटों से ज्यादा हासिल कर ली हैं।

JDU supporters celebrate NDA's lead during the counting of votes for the Bihar Assembly Elections results, in Patna, Tuesday, Nov 10,2020
JDU supporters celebrate NDA's lead during the counting of votes for the Bihar Assembly Elections results, in Patna, Tuesday, Nov 10,2020 Source: Photo/Aftab Alam Siddiqui

एनडीए को 125 सीटें मिली हैं जबकि आरजेडी के नेतृत्व में महागठबंधन को 110 सीटों पर जीत हासिल हुई है।


मुख्य बातेंः

  • बिहार में एनडीए को बहुमत प्राप्त हुआ है।
  • आरजेडी 75 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी है जबकि बीजेपी के पास 74 सीटें हैं।
  • आरजेडी ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है।

आरजेडी को सबसे ज्यादा 75 सीटें मिली हैं जबकि बीजेपी 74 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। हालांकि पिछले चुनावों के मुकाबले आरजेडी को नुकसान हुआ है जबकि बीजेपी को भारी फायदा हुआ है। 2015 में आरजेडी ने 80 और बीजेपी ने 53 सीटें जीती थीं।

 RJD leader Tejashwi Yadav gestures towards the crowd during an election rally ahead of the third phase of Bihar Assembly elections on November 5, 2020 in Mahua, India. (Photo by Santosh Kumar/Hindustan Times/Sipa USA)
RJD leader Tejashwi Yadav gestures towards the crowd during an election rally Source: Santosh Kumar/Hindustan Times/Sipa USA

2015 की तुलना में जेडीयू और कांग्रेस को भी नुकसान उठाना पड़ा है।

नीतीश कुमार के जनत दल (युनाइटेड) को 43 और कांग्रेस को 19 सीटें मिली हैं। 2015 में इनके पास क्रमशः 71 और 27 सीटें थीं।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने पांच सीटों पर जीत हासिल की है जबकि वाम दल 17 विधानसभा सीट जीतने में कामयाब रहे हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री दिवंगत राम विलास पासवान के बेटे चिराग पासवान का एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ने का दांव नाकाम रहा और उनकी पार्टी लोक जनशक्ति को सिर्फ एक सीट मिल पाई है।

बीजेपी नेता और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर पार्टी की जीत का ऐलान किया। उन्होंने लिखा कि बिहार में जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से लोकतंत्र ने एक बार फिर विजय प्राप्त की है।

श्री मोदी ने लिखा, “मैं कार्यकर्ताओं को बधाई देता हूं और बिहार की जनता के प्रति हृदय से आभार प्रकट करता हूं।“

बिहार में 15 साल बाद भी NDA के सुशासन को फिर आशीर्वाद मिलना यह दिखाता है कि बिहार के सपने क्या हैं, बिहार की अपेक्षाएं क्या हैं।

उधर राष्ट्रीय जनता दल ने मतगणना में धांधली का आरोप लगाया है।

पार्टी ने आधिकारिक ट्वीट कर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया।

पार्टी का ट्वीट था, “नीतीश कुमार, सुशील मोदी इत्यादि मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में बैठ सभी जिलाधिकारियों पर दबाव बना सख़्त निर्देश जारी करवा रहे है कि महागठबंधन को कैसे भी 105-110 सीटों पर रोको। किसी भी परिस्थिति में हम जनमत की लूट नहीं होने देंगे।“

चुनाव से पहले नीतीश कुमार को एनडीए का मुख्यमंत्री पद का दावेदार बताया गया था। लेकिन जेडीयू की सीटों में भारी कमी होने के बाद नीतीश कुमार का छठी बार राज्य का मुख्यमंत्री बनना बीजेपी पर निर्भर करता है क्योंकि वह गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि लोकजनशक्ति पार्टी का अलग होना बीजेपी की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।

दिल्ली में अमर उजाला अखबार के संपादक शरद गुप्ता कहते हैं कि लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से अलग होकर चुनाव लड़ने का फैसला जनता दल यूनाइटेड पर भारी पड़ा और ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पहली बार हैदराबाद से बाहर किसी राज्य में 5 सीटें जीतने में सफल रही लेकिन उसकी वजह से राष्ट्रीय जनता दल कम से कम 20 सीटें हार गया।

Bihar Chief Minister Nitish Kumar gestures towards the crowd at an election rally
Bihar Chief Minister Nitish Kumar gestures towards the crowd at an election rally Source: Photo by Santosh Kumar/Hindustan Times/Sipa USA

गुप्ता कहते हैं, “कहा जा रहा है कि लोजपा और एआईएमआईएम दोनों को ही भाजपा ने प्रायोजित किया था और बड़े स्तर पर फंडिंग भी दी थी। वरना इन पार्टियों के लिए हेलीकॉप्टर जैसे संसाधनों के लिए फंड जुटाना आसान नहीं था। अब देखना होगा नीतीश क्या करते हैं। क्या वे भाजपा के हाथों मिले इस अपमान को चुपचाप पचा जाएंगे या फिर जवाबी कार्रवाई के लिए उचित मौके का इंतजार करेंगे।”

हालांकि जेडीयू ने बीजेपी को अपना वादा याद दिला दिया है। जेडीयू नेता केसी त्यागी ने कहा कि बीजेपी को सरकार बनाने के लिए अब भी जेडीयू की जरूरत है।

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Published

Updated

By विवेक कुमार



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