अपने विजय-भाषण में कमला हैरिस ने इस बात पर खुशी जताई कि वह अमेरिका के उप-राष्ट्रपति पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं. लेकिन उन्होंने कहा कि वह आखिरी नहीं होंगी.
मुख्य बातें:
- अमेरिका की निर्वाचित उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस का संबंध भारत से है. उनकी मां तमिलनाडु से 19 साल की उम्र में साल 1958 में अमेरिका आई थीं.
- उनके पिता डॉनल्ड जैसपर हैरिस जमैका के रहने वाले थे और अमेरिका में एक अर्थशास्त्री थे.
- इंडियाना विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर सुमित गांगुली मानते हैं कि भारत और अमेरिका के संबंधों में कमला हैरिस की मौजूदगी से ज्यादा बाइडेन प्रशासन की नीतियों का योगदान होगा.
कमला हैरिस का भारत से गहरा संबंध है. उनकी मां श्यामला गोपालन हैरिस तमिलनाडु के तिरुवरूरवर के थुलसेंदरापुरम की रहने वाली हैं. वह 19 साल की उम्र में अमेरिका पहुंची थीं. वह एक जीव विज्ञानी थीं और उन्होंने स्तन कैंसर पर काफी शोध किए थे. साल 2009 में 70 साल की आयु में उनका निधन हो गया था.
सुनिए, कमला हैरिस की कहानीः
अपनी इस जीत पर उन्हें याद करते हुए अमेरिकी की निर्वाचित उपराष्ट्रपति कमला ने कहा, "एक महिला जिनकी वजह से मैं आज यहां पर हूं वो हैं मेरी मां श्यामला गोपालन हैरिस. जब 19 साल की उम्र में वह भारत से यहां आई थीं तब शायद उन्होंने भी इन लम्हों की कल्पना नहीं की होगी. लेकिन वो इस बात पर गहराई से विश्वास करती थीं कि अमेरिका में इस तरह की बातें संभव हैं."
थुलसेंदरापुरम में पूरे गांव का सजाया जा रहा है. कमला की जीत के पोस्टर लगाए जा रहे हैं. रंगोली बनाई जा रही और मिठाई बांटी जा रही है.

कमला हैरिस के भारत से संबंधों के बारे में अमेरिका के ब्लूमिंगटन में इंडियाना विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर और विश्वविद्यालय में इंडियन कल्चर एंड सिविलाइज़ेशन्स विभाग में रबिन्द्र नाथ टैगोर चेयर प्रोफेसर सुमित गांगुली बताते हैं कि कमला हैरिस अक्सर अपने नाना के साथ चेन्नई के समुद्र तटों पर बिताए गए समय का ज़िक्र करती रहती हैं.
कमला हैरिस के राजनीतिक सफर के बारे में बताते हुए प्रोफेसर गांगुली कहते हैं कि उनकी प्रसिद्धि अफ्रीकी-अमेरिकी और भारतीय-अमेरिकी के तौर पर ज्यादा हुई. वह कहते हैं कि कमला की मां ने उनकी और उनकी बहन माया की अफ्रीकी-अमेरिकी बच्चों की तरह ज्यादा परवरिश की है. इसकी बड़ी वजह उनके पिता डोनाल्ड जेस्पर हैरिस का जमैकन मूल था.
भारत में कमला हैरिस की जीत की खुशियां मनाई जा रही हैं. कई लोगों का कहना है कि उनके उप-राष्ट्रपति बनने से अमेरिका और भारत के बीच नज़़दीकियां बढ़ेंगी.

हालांकि प्रोफेसर गांगुली इससे इत्तेफ़ाक नहीं रखते हैं. वह कहते हैं, "मैं ये मानता हूं कि भारत और अमेरिका के आगे के संबंध बाइडेन प्रशासन की नीतियों पर निर्भर करेंगे. वे इस बात से ज्यादा प्रभावित होंगे कि अमेरिका का हित किसमें है ना कि कमला हैरिस की उपस्थिति से."
प्रोफेसर गांगुली कहते हैं कि एक प्रशासक के तौर पर कमला हैरिस के पास एक बड़ा अनुभव है. जो उन्हें हर तरह से उनके मौजूदा पद के लायक बनाता है.
प्रोफेसर गांगुली इस बात से इनकार नहीं करते हैं कि कमला हैरिस साल 2024 में होने वाले अगले राष्ट्रपति चुनावों में डेमोक्रैटिक पार्टी की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार हो सकती हैं और शायद अमेरिका की पहली महिला राष्ट्रपति भी बन सकती हैं.






