Watch FIFA World Cup 2026™

LIVE, FREE and EXCLUSIVE

MLA के जाल में फंस गए गणेश-भक्त?

मीट एंड लाइवस्टॉक ऑस्ट्रेलिया के लैम्ब वाले विज्ञापन पर विवाद थमा नहीं है. हालांकि ऐड्वर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स ब्यूरो (एएसबी) ने विज्ञापन को सही ठहरा दिया है लेकिन हिंदू संगठन अब भी इसे वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं. इस सिलसिले में रविवार को ऑस्ट्रेलिया में कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए.

Ganesha
Source: Meat and Livestock Australia

इस कहानी का एक पहलू और है. एमएलए का इतिहास है जिसे बार-बार दोहराया जाता है. विवादास्पद विज्ञापनों का इतिहास.

अगर एमएलए के पुराने विज्ञापनों को उठाकर देखा जाए तो आपको ऐसे कई मामले मिलेंगे जब इस संस्था के विज्ञापनों पर किसी ना किसी तबके ने आपत्ति जताई.

Video देखें: सिडनी में हिंदुओं का विरोध प्रदर्शन

इसी साल जनवरी में ऑस्ट्रेलिया डे के मौके पर लैम्ब का ही विज्ञापन था जिसे मूल निवासियों ने आपत्तिजनक बताया था. उस विज्ञापन में मूल निवासी कलाकार यूरोपीयों का स्वागत करते नजर आए थे. काफी लोगों ने उसे इतिहास का श्वेतीकरण बताते हुए लताड़ा था.

पिछले साल जनवरी में एमएलए के एक विज्ञापन से वीगन्स आहत हुए थे जब न्यूजरीडर ली लिन चिन को एक विज्ञापन में दिखाया गया था. इसमें एक वीगन को पुलिसिया ऑपरेशन की शक्ल में 'बचाते' हुए दिखाया गया था.

यह भी देखें: ASB ने क्या कहा इस विज्ञापन पर

इन दोनों विज्ञापनों की शिकायत हुई थी. वीगन वाले विज्ञापन की तो 376 शिकायतें आई थीं जो ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की तीसरी सबसे ज्यादा शिकायतें थीं. हालांकि एएसबी ने उस विज्ञापन को भी सही ठहराया था.

लेकिन इन विवादों के कारण विज्ञापनों को खूब प्रचार मिला. एक विज्ञापन विशेषज्ञ कहते हैं कि विवाद खड़ा करना संस्था की रणनीति हो सकती है लेकिन इसे साबित नहीं किया जा सकता. जब इस बारे में एमएलए से संपर्क करने की कोशिश की गई तो कोई जवाब नहीं मिला.

Follow us on Facebook.


2 min read

Published

By विवेक आसरी



Share this with family and friends


Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now