प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में 50 हजार से ज्यादा नौकरियां उपलब्ध हैं और वह चाहते हैं कि लोग शहरों से ग्रामीण इलाकों में जाएं ताकि वहां आर्थिक प्रगति का रास्ता खुले।
मुख्य बातेंः
- सरकार के मुताबिक ऑस्ट्रेलिया के ग्रामीण इलाकों में 50 हजार से ज्यादा नौकरियां उपलब्ध हैं।
- फरवरी में ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर की दर 5.8% दर्ज हुई है जो जनवरी महीने में 6.3% थी।
- 88 हजार 700 नौकरियां बढ़ी हैं। इनमें से 80 फीसदी नौकरियां महिलाओं को मिली हैं।
गुरुवार को रोजगार के ताजा आंकड़े जारी करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “ग्रामीण इलाकों में 50 हजार नौकरियां हैं। ये नौकरियां रोज के हिसाब से पैदा हो रही हैं और हम ये नौकरियां पैदा करते रहेंगे।”
सरकार ने बताया है कि पिछले साल की आखिरी तिमाही में देश में मंदी की औपचारिक शुरुआत के बाद से अब तक 88 हजार 700 नौकरियां बढ़ी हैं। इनमें से 80 फीसदी नौकरियां महिलाओं को मिली हैं और 40 प्रतिशत युवाओं को।

फरवरी में बेरोजगारी दर की दर 5.8% दर्ज हुई है जो जनवरी महीने में 6.3% थी।
प्रधानमंत्री मॉरिसन ने इस बात पर दुख जाहिर किया कि जब बेरोजगारी अपने चरम पर थी, तब भी लोग ग्रामीण इलाकों में काम करने नहीं गए।
उन्होंने कहा, “इस बात से मेरा दिल दुखता है कि फल टूटकर जमीन पर गिर रहे हैं। और जब बेरोजगारी अपने चरम पर थी तब भी लोग ग्रामीण इलाकों में ये काम करने नहीं गए। यह हमारी अर्थव्यवस्था के सामने एक चुनौती है, जो हमें आगे बढ़ने से रोक रही है। इसका असर सिर्फ उन उत्पादकों पर नहीं पड़ रहा है बल्कि विस्तृत अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।”
हालांकि प्रधानमंत्री मॉरिसन ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि जॉबकीपर योजना को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जॉबकीपर योजना अपना काम कर चुकी है और अब उसे खत्म होना ही होगा।
मार्च महीने में ही जॉबकीपर योजना खत्म हो रही है।
