भारत, नेपाल और पाकिस्तान को ऑस्ट्रेलिया पहले ही 'हाई रिस्क' श्रेणी में डाल चुका है. अब इन देशों से स्टूडेंटस वीसा चाहने वाले लोगों को यह साबित करना होगा कि उनके पास ऑस्ट्रेलिया आने और यहां गुजारा करने लायक धन है.
गृह मंत्रालय ने एक व्यक्ति के लिए सालाना खर्च की सीमा बढ़ाकर 21,041 डॉलर्स कर दी है. यानी स्टूडेंट वीसा पाने के लिए हर प्रार्थी को साबित करना होगा कि उसके पास इतना पैसा है. यह धन फीस के अतिरिक्त है.
यदि कोई वीसा ऐप्लिकेंट अपने जीवनसाथी या पार्टनर के साथ अप्लाई करता है तो उसे 7,362 डॉलर्स और ज्यादा की राशि दिखानी होगी. यदि उसके पास बच्चा है तो 3,152 डॉलर्स और बच्चा स्कूल जा रहा है तो 8,296 डॉलर्स अतिरिक्त की धनराशि उसके पास होनी चाहिए.
विशेषज्ञों का मानना है कि स्टूडेंट्स के लिए इतनी धनराशि साबित करना बहुत मुश्किल हो जाएगा.
मेलबर्न स्थित माइग्रेशन एक्सपर्ट चमन प्रीत कहती हैं कि यह बदलाव ज्यादा बड़ा नहीं है लेकिन स्टूडेंट्स पर बोझ तो बढ़ेगा.
चमन बताती हैं, "प्राइमरी ऐप्लिकेंट के लिए धनराशि 751 डॉलर बढ़ाई गई है. जीवनसाथी के लिए 262 डॉलर और बच्चे के लिए 112 डॉलर ज्यादा देने होंगे. सालाना निजी आय की सीमा भी लगभग 2,000 डॉलर ज्यादा कर दी गई है. स्टूडेंट्स के ऊपर यह अतिरिक्त बोझ तो होगा ही."
चमन प्रीत कहती हैं कि स्टूडेंट वीसा पाने के लिए अपने पास जितनी राशि साबित करनी होती है, वह पहले ही बहुत ज्यादा है.
वह कहती हैं, "दक्षिण एशियाई देशों के बहुत से स्टूडेंट्स ऑस्ट्रेलिया आने का ख्याल ही छोड़ देते हैं क्योंकि वे अपने पास इतना धन नहीं दिखा सकते. अब यह राशि और बढ़ा दी गई है यानी ऑस्ट्रेलिया आने वालों के लिए रास्ता और कठिन हो जाएगा."
पिछले महीने ही ऑस्ट्रेलिया ने भारत, नेपाल और पाकिस्तान को हाई रिस्क श्रेणी में डाल दिया था जिसका मतलब है कि स्टूडेंट्स को वीसा पाने के लिए कड़ी शर्तों को पूरा करना होगा.
