ह्यूमन राइट्स वॉच के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के दुरुपयोग पर एक नया खुलासा किया है। उनके इस नए शोध में पाया गया है कि ए-आई टूल को प्रशिक्षित करने के लिए एक डेटा सेट में, ऑस्ट्रेलियाई बच्चों की तस्वीरों को इंटरनेट से डेटा स्क्रैप करके बनाया गया था। ये तस्वीरें इन बच्चों या उनके परिवारों की अनुमति के बिना पाई गई हैं। इस साल की शुरुआत में, मेलबर्न के एक हाई स्कूल की लगभग 50 लड़कियों की अश्लील और डीपफेक फ़ोटो की खबर सामने आयी थी जिसके चलते अटॉर्नी जनरल मार्क ड्रेफस ने संसद में वयस्कों के गैर-सहमति से डीप-फेक के निर्माण या साझाकरण पर प्रतिबंध लगाने वाले सुधार पेश किए थे।
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