COP29 जलवायु शिखर वार्ता में तैयार किया गया एक जलवायु कोष, बांग्लादेश में आयी भीषण बाढ़ और भयंकर मानसून, ग्रेट बैरियर रीफ में मॉस ब्लीचिंग और चक्रवात: 2024 में वैश्विक मौसमी परिवेश बेहद अस्थिर रहा है। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया अगले वर्ष से तुवालु से ऐसे शरणार्थियों को देश में जगह दे सकता है जो जलवायु संकट के चलते प्रवासन कर रहे यहीं। क्या रहे हैं इस वर्ष की जलवायु गतिविधियों के इसके भावनात्मक और राजनैतिक परिणाम और क्या वाकई क्लाइमेट रिफ्यूजी बनने वाले हैं एक यथार्थ?
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