इस पॉडकास्ट में पर्थ स्थित एस्ट्रोफिजीसिस्ट डा निखिल गुप्ता ने इस L1 बिंदु के महत्व, मिशन के उद्देश्य और ऑस्ट्रेलिया के अंतरिक्ष अध्ययन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने समझाया कि L1 बिंदु पर एक उपग्रह को रखने का प्रमुख लाभ ये होता है कि वो सूर्य के लगातार सामने है और बिना किसी रुकावट के सौर गतिविधियों को देख सकता है।

डा गुप्ता ने बताया कि आदित्य एल-1 में सात पेलोड हैं जो सूरज की विभिन्न भैतिकी, सौर विस्फोट जैसी तकनीकी घटनाओं का अध्ययन करेंगें जिनका हम पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने यह भी बताया कि इसको अपनी कक्षा में रहने के लिये किसी तरह के ईधन की आवश्यकता नहीं है और यह कम से कम ५ साल तक वहाँ रहेगा।
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