क्या आप जानतें हैं की एक समय ऐसा भी था जब ब्रिटिश सेना के अँगरेज़ अफसर और भारतीय राजकुमार ऑस्ट्रेलियाई वेलर घोड़ों पर बैठकर ताजमहल की छावं में पोलो खेलते थे?
अगर आप कभी सिडनी स्तिथ मिचेल लाइब्रेरी के बहार से गुज़रें तो एक घोड़े की नसल की याद में लगई गयी एक स्मारक पट्टी आपका ध्यान अपनी और अवश्य खींचेगी.
और अगर आप कोल्कता जाएँ तो वहां रिमाउंट रोड पर खड़े होकरयह सवाल पूछियेगा जरूर की इसका नाम रिमाउंट रोड क्यों है?
यह नाम रखा गया है उन घोड़ों की याद में जिन्हे हम रिमाउंट या वलेर्स के नाम से जानते हैं !
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