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बहुसांस्कृतिक रंगों से सराबोर ब्रिसएशिया

Performance in BrisAsia

ब्रिस्बन में 1 फरवरी से शुरू हुआ है ब्रिस एशिया का आयोजन जो कि 29 फरवरी तक चलेगा. पिछले आठ सालों से चला रहा है ये आयोजन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां न केवल आपको ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक छवि देखने को मिलेगी बल्कि ऑस्ट्रेलिया के रंग में रंगी अलग-अलग संस्कृतियों को जानने और समझने का मौका भी मिलेगा. और आप चाहें तो यहां होने वाले विभिन्न आयोजनों में भाग भी ले सकते हैं.


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By Gaurav Vaishnava

Source: SBS


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ब्रिस्बन में 1 फरवरी से शुरू हुआ है ब्रिस एशिया का आयोजन जो कि 29 फरवरी तक चलेगा. पिछले आठ सालों से चला रहा है ये आयोजन लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां न केवल आपको ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक छवि देखने को मिलेगी बल्कि ऑस्ट्रेलिया के रंग में रंगी अलग-अलग संस्कृतियों को जानने और समझने का मौका भी मिलेगा. और आप चाहें तो यहां होने वाले विभिन्न आयोजनों में भाग भी ले सकते हैं.


सबसे पहली जानकारी तो ये कि ब्रिस एशिया का ये आयोजन 1 फरवरी से ब्रिसबेन में चल रहा है और ये इस महीने के अंत तक जारी रहेगा.

ब्रिस एशिया का क्या मक़सद हैं और इस आयोजन में किस तरह के कार्यक्रम शामिल हैं इस बारे में बात करने के लिए हमने बात की ब्रिस एशिया के कम्यूनिटी प्रोग्राम प्रोड्यूसर पवितर नूरी से. पवितर बताते हैं कि ब्रिसएशिया का मक़सद है कि लोग एक दूसरे को जान सकें और इस आयोजन के ज़रिए एशिया देशों की संस्कृति को भी समझने का उन्हें मौका मिले.

Performance in BrisAsia
Source: Supplied / Lily Lovell

किस तरह के कार्यक्रम लुभा रहे हैं लोगों को 

पवितर बताते हैं कि ब्रिसएशिया में होने वाले कार्यक्रमों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है. ताकि लोगों को उनमें शामिल होने और उन्हें समझने का मौका मिल सके. यहां छात्रों के अलावा, कलाकारों और समाज के दूसरे लोगों को भी कार्यक्रमों में शामिल किया जाता है. श्री नूरी कहते हैं कि ब्रिसएशिया में डांस, पॉप म्यूज़िक, सिप एंड पेंट, और ब्रिसएशिया टॉक्स जैसे आयोजन रखे गए हैं.

चलिए जानते हैं कुछ पवितर नूरी के बारे में आखिर कैसे वो इस तरह के आयोजन से जुड़े ? वो बताते हैं कि भारत से वो साल 2005 में न्यूज़ीलैंड के क्राइस्टचर्च पहुंचे थे. जहां उन्होंने शिक्षा से संबंधित काम किया साथ ही उन्होंने वहां कुछ सामाजिक कार्यक्रमों की भी शुरूआत की. साल 2016 में वो क्वींसलैंड रहने के लिए आए और यहां भी उन्होंने होली जैसे कार्यक्रम का आयोजन किया.

People at BrisAsia
Source: Supplied / Lily Lovell

पवितर नूरी कहते हैं कि ब्रिस एशिया में लोगों को न केवल अलग-अलग संस्कृतियों को समझने का मौका मिलता है बल्कि चर्चाओं के ज़रिए अपनी बातें रखने का भी मौका मिलता है. साथ ही आपको यहां एशिया के अनेकों खानों का संगम भी देखने को मिलेगा. 


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