मूवमेंट डिसऑर्डर विशेषज्ञ डा राघव ने बातचीत में विस्तार से बताया कि किस तरह से उन्होंने इस प्रयोग की शुरुवात की और रोगी एक साथ आकर कई विशेष योगा आसन और गतिविधियों को करते हैं । डा राघव का झुकाव विशेष तौर पर मूवमेंट डिसऑर्डर की तरफ है जिसमें पार्किंसन रोग, टिक्स, डिस्टोनिया और हन्टिंगटन रोग शामिल है।

डा राघव मेलबर्न की आरएमआईटी यूनीवर्सिटी में एसोशियेट प्रोफेसर और मोनार्श यूनिवर्सिटी में सीनियर लेक्चरर हैं। उन्होंने बताया कि उनका विश्वास योगा पर पूरी तरह से बना जब उन्हें स्वयम् इससे लाभ मिला । उसके बाद उन्होंने भारत में जाकर इसका अध्यन किया तथा वहाँ पर पार्किन्सन रोग पर इसी दिशा में काम कर रहे डाक्टरस् और मरीजों के साथ मिले। डा राधव, भारत की योगा यूनीवर्सिटी में विजिटिंग प्रोफेसर भी हैं। उन्होंने बताया कि रोगियों की विशिष्ट दवाइयों के साथ साथ उनके द्वारा तैयार किये गये विभिन्न योगा आसनों से रोगियों के जीवन में एक व्यापक अंतर और सुधार देखने में आया है।
डा राघव ने बताया कि उनके द्वारा तैयार किये गये कई विडियो लिंक, एप तथा रोग सम्बन्धित जानकारी मुफ्त में उपलब्ध है।



