Watch FIFA World Cup 2026™

LIVE, FREE and EXCLUSIVE starting June 12 2026

कोरोनावायरसः ट्रैवल एजेंट्स पर दोहरी मार, काम भी गया और नाम भी

Qantas Airways flight QF7474 lifts off during an official farewell event for the Qantas 747 fleet at Sydney Airport in Sydney, Wednesday, July 22, 2020. (AAP Image/Joel Carrett) NO ARCHIVING

Qantas Airways flight QF7474 lifts off during an official farewell event for the Qantas 747 fleet at Sydney Airport in Sydney, Wednesday, July 22, 2020. Source: AAP Image/Joel Carrett

कोरोनावायरस की ट्रैवल इंडस्ट्री पर करारी मार पड़ी है. लेकिन ट्रैवल एजेंट्स तो दोहरी मार झेल रहे हैं.


Published

By विवेक कुमार

Source: SBS


Share this with family and friends


कोरोनावायरस की ट्रैवल इंडस्ट्री पर करारी मार पड़ी है. लेकिन ट्रैवल एजेंट्स तो दोहरी मार झेल रहे हैं.


कोरोनावायरस के कारण लॉकडाउन हुआ. लॉकडाउन के साथ ही देशों और राज्यों की सीमांएं बंद हो गईं. लोगों का आना-जाना बंद हो गया. और एक के बाद एक तमाम काम धंधे प्रभावित हुए. लेकिन जिनका काम-धंधा ही आने-जाने से जुड़ा था, उनका तो सब कुछ बंद हो गया. जैसे कि ट्रैवल इंडस्ट्री.


मुख्य बातेंः

  • कोरोनावायरस की ट्रैवल इंडस्ट्री पर दोहरी मार पड़ी है.
  • ट्रैवल एजेंट्स के पास काम बहुत कम हो गया है और उनके बिजनस मुश्किल में हैं.
  • एयरलाइंस से नाराज लोगों का गुस्सा भी ट्रैवल एजेंट्स को झेलना पड़ता है.

ट्रैवल इंडस्ट्री पर कोरोनावायरस की भारी मार पड़ी है. आकाश ट्रैवल के गगनदीप बताते हैं कि काम पूरी तरह ठप्प हो गया है.

यहां सुनिए, गगनदीप से हुई पूरी बातचीतःवह कहते हैं, ”एक तो आर्थिक दिक्कत हो गई है जबकि सरकार जॉबकीपर और जॉबसीकर पेमेंट के जरिए व्यापारियों को मदद दे रही है. लेकिन काम बिल्कुल खत्म है. बिल्कुल काम नहीं है. घर पर बैठे बस ईमेल के जवाब दे रहे हैं. रिफंड्स प्रोसेस कर रहे हैं. बिजनस पूरी तरह खत्म हो चुका है.”

A passenger is seen at the Jetstar check -in counter at Sydney Airport, Sydney, Thursday, July 9, 2020. Passengers on a Jetstar flight from Melbourne to Sydney disembarked without a COVID-19 health screening as NSW Health officials were busy with another
A passenger is seen at the Jetstar check -in counter at Sydney Airport, Sydney, Thursday, July 9, 2020. Source: AAP Image/Bianca De Marchi

ट्रैवल एजेंट्स को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है क्योंकि काम तो बंद है ही, साथ ही उन्हें पुराने ग्राहकों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है क्योंकि वे रिफंड में हो रही देरी से नाराज हैं.

गगनदीप बताते हैं कि गुस्से में ग्राहक सोशल मीडिया पर ट्रैवल एजेंट्स की बुराई करते हैं जिससे भारी नुकसान होता है.

वह कहते हैं, “कई एयरलाइन्स तो ऐसी हैं जो रिफंड दे ही नहीं रही हैं. जैसे मलयेशियाई एयरलाइंस कोई रिफंड नहीं दे रही है. एयरइंडिया रिफंड दे रही है लेकिन कैंसलेशन पेनल्टी ले रही है जबकि इसमें ग्राहक का कोई कसूर नहीं है.”

“ग्राहक अपने पैसों के लिए चिंतित हैं. उन्हें रिफंड मिलेगा या नहीं क्योंकि उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से टिकट खरीदे थे. लेकिन उन्हें जवाब हमें देना होता है. और उनका गुस्सा भी हमें झेलना पड़ता है.”

गगनदीप कहते हैं कि अगले एक साल तक कुछ भी ठीक होता नहीं दिख रहा है और हालात सामान्य होने के बाद भी बिजनस को वापस उसी स्थिति तक पहुंचने में तीन-चार साल लग जाएंगे.


कोरोनावायरस से जुड़ी किसी भी खबर को अपनी भाषा में पाने के लिए आप sbs.com.au/coronavirus पर जा सकते हैं.

ऑस्ट्रेलिया में लोगों को आवश्यक तौर पर एक दूसरे से 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए.

लोगों के एक जगह पर एकत्र होने की सीमा के लिए अपने राज्य के प्रतिबंधों को देखें.

अगर आप बुखार या जुक़ाम जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो अपने घर पर ही रहें और अपने डॉक्टर को कॉल करके परीक्षण की व्यवस्था करें. या कोरोना वायरस स्वास्थ्य सूचना हॉटलाइन को 1800 020 080 पर संपर्क करें.

कोरोना वायरस से संबंधित समाचार और सूचनाएं sbs.com.au/coronavirus  पर 63 भाषाओं में उपलब्ध हैं.

Tune into SBS Hindi at 5 pm every day and follow us on Facebook and Twitter


Latest podcast episodes

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Stream now