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डॉ मृदुल कीर्ति: भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के प्रति समर्पित

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Dr Mridul Kirti receiving the Vishva Hindi Samman from India's Foreign Minister Dr S. Jaishankar at International Hindi conference 2023 at Fiji Source: Supplied / Mridul Kirti

भारतीय मूल की प्रसिद्ध लेखक और अनुवादक डॉ मृदुल कीर्ति ने संस्कृत भाषा में लिखे गए पातंजली योग, साँख्ययोग, सामवेद और अष्टावक्र गीता समेत 18 हिंदू महाग्रंथों का आसानी से समझ में आने वाली हिंदी और ब्रज भाषा में काव्यात्मक अनुवाद किया है। डा कीर्ति को फिजी में आयोजित 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन (15-17 फरवरी 2023) में 'विश्व हिंदी सम्मान' से सम्मानित किया गया है।


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By Anita Barar

Presented by Anita Barar

Source: SBS


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भारतीय मूल की प्रसिद्ध लेखक और अनुवादक डॉ मृदुल कीर्ति ने संस्कृत भाषा में लिखे गए पातंजली योग, साँख्ययोग, सामवेद और अष्टावक्र गीता समेत 18 हिंदू महाग्रंथों का आसानी से समझ में आने वाली हिंदी और ब्रज भाषा में काव्यात्मक अनुवाद किया है। डा कीर्ति को फिजी में आयोजित 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन (15-17 फरवरी 2023) में 'विश्व हिंदी सम्मान' से सम्मानित किया गया है।


डॉ मृदुल कीर्ति को 12वें विश्व हिंदी सम्मेलन में भारत के विदेश मंत्री एस.के. जयशंकर द्वारा विश्व हिंदी सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

एसबीएस हिन्दी पर अपने सम्मान के बारे में बात करते हुये डा मृदुल कीर्ति विनम्र भाव से कहती हैं,

"मैं इदम् मम का भाव लेकर रहती हूँ क्योंकि यह मेरा नहीं ब्लकि भारतीय संस्कृति का सम्मान है।"

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Dr Mridul Kirti Credit: Supplies: Mridul Kirti

भारतीय संस्कृति और अध्यात्म में उनकी गहरी आस्था है।

हिंदी में नौ उपनिषदों का पहला काव्यात्मक अनुवाद किया और उनके काम का उद्घाटन भारत के तत्कालीन माननीय राष्ट्रपति डॉ शंकर दयाल शर्मा ने किया था।

उन्होंने 'पतंजलि योग दर्शन' का अनुवाद करके इतिहास रचा है, जो दुनिया में अब तक का पहला अनुवाद है।

डा मृदुल कीर्ति ने सामवेद, ईशादि नौ उपनिषद्, अष्टावक्र गीता, विवेक चूणामणि और साँख्य योग दर्शन का काव्यानुवाद किया है और अपने कार्य के लिए कई बार पुरस्कृत हुई हैं।

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A few of the books translated by Dr Mridul Kirti Source: Supplied / Mridul Kirti

स्वयम् को ईश्वरीय संदेश के प्रसार का एक माध्यम मानते हुये, इस बातचीत में वह ग्रंथों में व्यक्त चिंतन को निर्धारित छंदों में ढालने की प्रक्रिया और अपनी इस वैचारिक उर्जा के प्रेरणा स्त्रोत के बारे में भी बताती है।

भारतीय मूल की डॉ मृदुल कीर्ति ने राजनीति विज्ञान में पीएच.डी. हासिल की है। भारत के आलावा वह अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया दोनो जगह उनका निवास स्थान है।

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