Watch FIFA World Cup 2026™

LIVE, FREE and EXCLUSIVE

एक सीटी ने ऋग्वेद पांडेय की जिंदगी बदल दी

art

हमारे समाज में सीटी बजाना अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता. या यूं कहिए कि सीटी बजाने को लोग लडकियों को छेड़ने से जोड़ देते हैं. यहीं नहीं सीटी बजा कर लड़की छेड़ने पर आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. लेकिन इसी सीटी बजाने को कुछ लोग शौक, जूनून और करियर तक बना लेते हैं.


Published

Source: SBS


Share this with family and friends


हमारे समाज में सीटी बजाना अच्छी नज़र से नहीं देखा जाता. या यूं कहिए कि सीटी बजाने को लोग लडकियों को छेड़ने से जोड़ देते हैं. यहीं नहीं सीटी बजा कर लड़की छेड़ने पर आप पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है. लेकिन इसी सीटी बजाने को कुछ लोग शौक, जूनून और करियर तक बना लेते हैं.


ऐसे ही एक व्यक्ति हैं ऋग्वेद देशपांडे, जिन्हें लोग सीटी बजाने के लिए बुलाते हैं. सीटी बजाने की कला में वो इतना पारंगत हो गए हैं कि अब विदेशों तक में अपने शो करते हैं. लोग उनकी सीटी सुनने आते हैं. यहीं नहीं फिल्म, टीवी सीरियल में भी सीटी बजाने का मौका मिला. सीटी बजाने को जो लोग गुंडे मवालियों से जोड़ देते हैं, उस मिथक को इन्होंने तोड़ दिया. आज ये बाकायदा लोगों को सीटी बजाना सिखाते हैं. वैसे सीटी बजाना फिल्मों में बहुत पहले से इंट्रोड्यूस 1943 में आई फिल्म किस्मत में अशोक कुमार द्वारा की गयी थी.

ऋग्वेद एक पारंगत साउंड इंजिनियर हैं. वो अपनी सीटी रिकॉर्ड करते हैं और लोगों को सुनाते हैं. अब लोग उनसे जुड़ते जा रहे हैं. उन्होंने बेंगलुरु में 2008 में लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स में जगह बनाई जिसमें एक साथ 48 लोगों ने परफॉर्म किया. 2010 में चीन में इंटरनैशनल विसलिंग कन्वेंशन हुआ जिसमें दुनिया भर के विस्लर्स ने हिस्सा लिया इसमें भी ऋग्वेद ने कई अवॉर्ड्स जीते.

अब सीटी बजाने की नकारात्मक छवि से धीरे धीरे ये कला बाहर आ गयी है. साल 2006 में चेन्नई में एक लाइव परफॉरमेंस के दौरान एक लड़की से इनकी मुलाकात हुई जो बहुत अच्छी विसलिंग करती थी और ऋग्वेद ने उसको भी अपने साथ जोड़ लिया. आप जान कर ताज्जुब करेंगे की लड़का और लड़की की सीटी की आवाज़ में कोई डिफरेंस नहीं होता और ये दोनों एक सी होती हैं.

वैसे सीटी बजाना जितना सुनने में आसान लगता है, वैसे होता नहीं है. यह एक बहुत तकनीकी कला है. गाना गाने की तुलना में सीटी बजने में सात गुना ज्यादा ताकत लगती है. सीटी बजाने के लिए आपको संगीत के ज्ञान की आवश्यकता होती है. इसके लिए मज़बूत लंग्स चाहिए और स्टैमिना बढ़ाने के लिए व्यायाम करने की ज़रुरत होती है. यूं कहिये कि सीटी बजाना एक सीरियस आर्ट फॉर्म है. आम तौर पर विसलिंग भी सात तरह की होती है जैसे कर्ल्ड लिप विसलिंग, पैलाटल रूफ विसलिंग, फिंगर विसलिंग, बॉटम लिप विसलिंग, हैंड विसलिंग, टीथ विसलिंग और फिंगरलेस विसलिंग.

आमतौर पर किसी इंसान की सबसे धीमी सीटी 174.6 हर्ट्ज़ और 4.186 हर्ट्ज़ सबसे तेज़ विसलिंग होती है.

अब ऋग्वेद सीटी बजाने का नैशनल कन्वेंशन करवाना चाहते हैं जहां लोग आएं और सीटी बजाएं.

Follow SBS Hindi on Facebook for more.


Latest podcast episodes

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now