अमेरिका में कोविड वैक्सीन पर शोध करने वाले एक दल ने पाया कि 45 स्वयंसेवकों को वैक्सीन देने के बाद उनके रक्त में न्यूट्रलाइज़िंग एंटीबॉडीज़ विकसित हुई हैं. ये एंटीबॉडीज़ संक्रमण को रोकने में सक्रिय हो रही हैं और इनका स्तर उन लोगों के बराबर है जो कि कोविड-19 के संक्रमण से ठीक हो चुके हैं.
वेंडर बिल्ट विश्वविद्यालय मेडिकल सेंटर डॉक्टर विलियम शेफनर कहते हैं कि ये शुरुआती नतीजे आशाजनक हैं.
वह कहते हैं, "ये एक पहला और अच्छा कदम है, और इसने इम्यून सिस्टम को सशक्त बनाने का काम किया है. हालांकि ये दो शॉट वाली वैक्सीन है."
मुख्य बातें:
- अमेरिका में कोविड वैक्सीन के परीक्षण में मानव शरीर के अंदर उसी अनुपात में एंटीबॉडीज़ बनी हैं जितनी कि कोविड-19 के संक्रमण से ठीक होने वाले लोगों में बनती हैं.
- इस शोध को आगे 30 हज़ार दूसरे लोगों पर जारी रखा जाएगा.
- हालांकि अभी भी इसे शुरुआती सफलता ही बताया जा रहा है.
बताया जा रहा है कि अब इस वैक्सीन का परीक्षण 30 हज़ार दूसरे लोगों पर किया जाएगा.
आपको बता दें कि अमेरिका में कोविड-19 के 34 लाख मामले सामने आ चुके हैं और करीब 138 हज़ार लोगों की मौत हो चुकी है.

डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप को अपने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह को गंभीरता से लेने की ज़रूरत है.
अमेरिका के बाद ब्राजील पर कोविड-19 महामारी का सबसे ज्यादा असर पड़ा है और हालात ये हैं कि देश की राजधानी में प्रदर्शनकारी अब राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो पर महाभियोग चलाने की मांग कर रहे हैं. आरोप है कि राष्ट्रपति ने कोविड-19 की महामारी को हमेशा कम गंभीरता से लिया और एक वक्त में तो उन्होंने इसे एक छोटा फ्लू कह कर नकार ही दिया था.
हालांकि अब वह भी कोविड-19 से संक्रमित हो चुके हैं और मलेरिया के लिए दी जाने वाली दवा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के जरिए कोविड के हल्के लक्षणों का इलाज किया जा रहा है.
ब्राज़ील में अभी तक 19 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 72 हज़ार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है.
फ्रांस ने भी महामारी की वजह से बैस्टिल डे के उत्सव को जोर-शोर से न मनाने का निर्णय लिया है.

प्रशासन ने पारंपरिक सैन्य परेड को रद्द कर दिया है और इसकी जगह पर उन स्वास्थ्यकर्मियों को सम्मान दिया गया जो कि कोरोनावायरस से लड़ने के लिए अग्रिम पंक्ति में तैनात हैं.
राष्ट्रपति इम्यैनुअल मैकरॉन ने कहा है कि वह सभी इनडोर सार्वजनिक स्थानों पर फेस मास्क को अनिवार्य करने के इच्छुक हैं. उन्होंने कहा कि 1 अगस्त से ऐसा किया जा सकता है.
आपको बता दें कि फ्रांस के सार्वजनिक परिवहन में मास्क पहले से ही अनिवार्य हैं.

हालांकि अब इंग्लैंड भी इसी रास्ते पर आगे बढ़ रहा है. ब्रिटिश स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक का कहना है कि अगर कोई भी खरीदारी करते समय मास्क पहनने से इनकार करता है कि उस पर 100 पाउंड का जुर्माना लगाया जाएगा.
स्वीडन में जहां कि कोविड-19 के संक्रमण से 5 हज़ार से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं, मास्क पहनना अनिवार्य नहीं किया जाएगा. बजाए इसके वहां सामाजिक दूरी बनाने पर ज़ोर दिया जा रहा है.
ऑस्ट्रेलिया में लोगों को आवश्यक तौर पर एक दूसरे से 1.5 मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए.
लोगों के एक जगह पर एकत्र होने की सीमा के लिए अपने राज्य के प्रतिबंधों को देखें.
अगर आप बुखार या जुक़ाम जैसे लक्षणों का सामना कर रहे हैं, तो अपने घर पर ही रहें और अपने डॉक्टर को कॉल करके परीक्षण की व्यवस्था करें. या कोरोना वायरस स्वास्थ्य सूचना हॉटलाइन को 1800 020 080 पर संपर्क करें.
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