मैलबर्न के पश्चिम के इलाके को अपनी सामाजिक विविधता के लिए जाना जाता है। पोस्ट कोड 3030 में एक रिपोर्ट के अनुसार करीब १५० नेशनलिटी के लोग रहते है।
ऐसे में अपने पड़ोसियों से जान पहचान बनाना और जरुरत के वक्त किसी को बुला लेने के लिए सम्बन्ध बनाना नए बसे परिवारों के लिए चुनौती होता है।

इसीलिए नेबरहुड वाच टारनेट ने अपने परिक्षेत्र में बसे लोगो को स्थानीय मुद्दों से परिचित करा कर उन्हें जरूरी मदद जुटाने में सहयोग का बीड़ा उठाया।
संस्था के फाउंडर और सेक्रेटरी संजय सेठी ने एसबीएस हिंदी को बताया, “हमारी कोशिश है कि सभी मल्टीकल्चरल समुदायों के लोगो को एक दूसरे से जुड़ने का मौका मिल सके।”

रीति जायसवाल, टारनेट के इलाके में रहने गयी तो कुछ ही महीने में उनके घर में हुई चोरी ने उन्हें परेशान कर दिया। उस वक्त कुछ दोस्तों की सलाह पर उन्होंने पुलिस और दूसरे लीगल सिस्टम को साधने के लिए नेबरहुड वाच की मदद ली।
“इन लोगो ने अपने परिवार की तरह हमारी मदद की, पुलिस रिपोर्ट उसके बाद के फॉलोअप, इंशोरेंस से निबटना सब कुछ। इसीलिए अब मैं यहाँ वालंटियर के तौर पर काम करती हूँ जिससे अपने जैसे लोगो के काम आ सकूँ।”
रीति जैसे वालंटियर्स को आगे लाने और उनके काम को सरहाने के लिए संस्था ने स्थानीय लोगो के साथ मिलकर उन्हें सम्मानित भी किया।
नारायण प्रसाद काफ्ले को नेपाली ऑस्ट्रेलियाई समाज में सेफ्टी और सिक्युरिटी के मुद्दे पर जागरूकता लेन के लिए सम्मानित किया गया।

उनका कहना है, “हम समाज के लिए काम किसी उम्मीद के साथ नहीं करते है लेकिन इस तरह के सम्मान आपका मनोबल बढ़ने के साथ काम करते रहने की हिम्मत देता है।"
दूसरी तरफ भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समाज के अब्दुल मुजीब सैयद भारतीय उपमहाद्वीप की मुस्लिम युवतियों को खेलो की तरफ मोड़ने के लिए पुरुस्कृत किये गए।

श्री मुजीब कहते हैं, “ये हमारी जिम्मेदारी है की हम अपनी अगली पीढ़ी को वो सब कुछ दे जिसके वो हकदार हैं।”
संजय सेठी का मानना है की नेबरहुड वाच कोई सुविधाएँ प्रदान करने वाली संस्था नहीं है बल्कि वो तो समाज को ये बताने और सीखने का काम करते है कि इन्हे हासिल कैसे किया जाए।
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