बताया जा रहा है इस झगड़े में भारत के पंजाबी और हरियाणवी समुदाय के कुछ युवा शामिल थे जिसकी शुरुआत सोशल वीडियो ऐप टिक-टॉक में कुछ धमकी भरे वीडियो के साथ हुई थी.
नितिन सेतिया पंजाबी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सिडनी के पश्चिमी सबर्ब हैरिस पार्क में अपना एक रेस्टोरेंट चलाते हैं. वह बताते हैं कि शुक्रवार रात 10 बजे के करीब ये घटना हुई थी.
मुख्य बातें:
- हैरिस पार्क में शुक्रवार रात भारतीय समुदाय के दो गुटों के बीच झड़प पर समुदाय के लोगों ने रोष ज़ाहिर किया है.
- बताया जा रहा है कि सोशल वीडियो एप टिक-टॉक के ज़रिए इस झड़प का टाइम तय किया गया था.
- हैरिस पार्क के व्यापारियों ने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की है.
सेतिया कहते हैं, "सोशल मीडिया में वीडियो की कुछ सीरीज़ देखने को मिली है, जिसके बाद लगता है कि ये कुछ लोगों के आपस की लड़ाई थी जिसे क्षेत्रीय या धार्मिक रंग दे दिया गया."

नितिन इस वाकये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हैं. वह कहते हैं कि सामाजिक तौर पर भारतीय समुदाय के साथ-साथ स्थानीय लोगों और व्यापार के लिए भी ये घटना दुखद है.
नितिन कहते हैं, "अगर आप हैरिस पार्क में अपनी कार में परिवार के साथ बैठे हैं और ऐसा वाक़या देखते हैं तो क्या आप वापस यहां आएंगे? मैं तो नहीं आऊंगा. आप नहीं जानते कि ऐसे वाकयों का असर कितनी देर तक रहता है."
नितिन बताते हैं कि इससे पहले 2007 में भारतीय और लेबनान के गुटों के बीच भी यहां झगड़े हो चुके हैं और 2015 में यहां गोलियां चलने की घटना भी हो चुकी है.
सेतिया कहते हैं कि ये कुछ लोगों के लिए महज़ घटनाएं हो सकती हैं लेकिन स्थानीय लोगों को व्यवसायों को इससे उबरने में कई साल लग जाते हैं.
असोसिएशन ऑफ हरियाणवीज़ इन ऑस्ट्रेलिया के अध्यक्ष सेवा सिंह अनुरोध करते हैं कि इस घटना को पंजाबी और हरियाणवी समुदाय के बीच का झगड़ा नहीं कहा जाए. उन्होंने कहा कि ये कुछ लोगों के बीच का झगड़ा था.

सेवा सिंह के मुताबिक हैरिस पार्क में इसके अलावा भी तेज़ गाड़ियां चलाने और दूसरी तरह की घटनाओं से जुड़ी खबरें अक्सर सोशल मीडिया से मिलती हैं जिसकी पुलिस शिकायत की जानी चाहिए.
उन्होंने एसबीएस हिंदी को बताया, "ये घटना निंदनीय है, इसके अलावा भी सोशल मीडिया से हैरिस पार्क में तेज़ गाड़ी चलाने जैसी खबरें मिलती हैं. इस तरह की घटनाओं की पुलिस के पास शिकायत की जानी चाहिए और इसकी ज़िम्मेदारी वहां के व्यापारिक समुदाय की है."
नितिन शिकायती लहजे में समुदाय को साथ आने की बात कर रहे हैं. वह कहते हैं कि भारत से बाहर निकलकर भी लोग भाषाई और राज्यों के खांचों में बंटे हैं जो भारतीय समुदाय की एकजुटता नहीं दिखाती है.
पॉडकास्ट सुनें:
इस पूरी घटना के मद्देनज़र लिटिल इंडिया ऑस्ट्रेलिया हैरिस पार्क ने रविवार को पैरामाटा पुलिस के साथ बैठक की है और आरोपियों के खिलाफ़ कार्रवाई की मांग की है.

इस बारे में संस्था के अध्यक्ष गुरमीत तुली ने एसबीएस हिंदी को बताया, "पुलिस को इस घटना से संबंधित कई वीडियो मिले हैं, जो दिखाते हैं कि सोशल मीडिया के जरिए भावनाएं भड़काई गई हैं. जो कि झड़प की इस घटना से बड़ा अपराध है."
उन्होंने कहा कि संस्था ने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की है.
तुली कहते हैं, "कई दूसरी घटनाओं की तरह इस घटना में भी किसी ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज नहीं कराई है. यह हमारे लिए मुश्किल की बात है कि लोग सामने नहीं आते हैं. लेकिन हमने पुलिस से इस घटना पर कार्रवाई की मांग की है."
पुलिस ने अभद्रता के बाद दो को किया गिरफ्तार
पूछताछ और एक सार्वजनिक अपील के बाद, जांचकर्ताओं ने सोमवार शाम 4 बजे से ठीक पहले पैरामाटा इलाके से एक 33 वर्षीय व्यक्ति को गिरफ्तार किया. जांचकर्ताओं ने जॉर्डन स्प्रिंग्स से शाम 6 बजे के बाद एक 30 वर्षीय व्यक्ति को भी गिरफ्तार किया.
दोनों को बुधवार 7 अक्टूबर 2020 को पैरामाटा लोकल कोर्ट में पेश होने के लिए सशर्त जमानत दी गई है।
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