Signatures of Hindi Literature Source: Shivnath Jha
क्या आज हमारी राष्ट्रभाषा हाशिये पर है ? भारत में आज बच्चे कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, संत विदास, मीराबाई, रहीम, रसखान, भूषण, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, बिहारी, भीष्म साहनी, महाबीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलि शरण गुप्त, अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', सियाराम शरण गुप्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन 'अज्ञेय', मुंशी प्रेमचंद, सुभद्रा कुमारी चौहान, का नाम भी नहीं जानते होंगे, क्योंकि आज अधिकांश हिन्दी की किताबों में इनका नाम दीखता ही नहीं, या फिर बड़े-बुजुर्ग इन हिन्दी के हस्ताक्षरों के बारे में अपने बच्चों को बताने की जबाबदेही अपने कंधे से झटक देते हैं। कांसेप्ट और तस्वीर: शिवनाथ झा। प्रस्तुतकर्ता : कुमुद मिरानी
क्या आज हमारी राष्ट्रभाषा हाशिये पर है ? भारत में आज बच्चे कबीरदास, तुलसीदास, सूरदास, संत विदास, मीराबाई, रहीम, रसखान, भूषण, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, बिहारी, भीष्म साहनी, महाबीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलि शरण गुप्त, अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध', सियाराम शरण गुप्त, सूर्यकान्त त्रिपाठी 'निराला', सच्चिदानंद हीरानंद वात्सायन 'अज्ञेय', मुंशी प्रेमचंद, सुभद्रा कुमारी चौहान, का नाम भी नहीं जानते होंगे, क्योंकि आज अधिकांश हिन्दी की किताबों में इनका नाम दीखता ही नहीं, या फिर बड़े-बुजुर्ग इन हिन्दी के हस्ताक्षरों के बारे में अपने बच्चों को बताने की जबाबदेही अपने कंधे से झटक देते हैं। कांसेप्ट और तस्वीर: शिवनाथ झा। प्रस्तुतकर्ता : कुमुद मिरानी