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हिन्दी दिवस 2024: हिन्दी का गौरव परिभाषित करते विचार और कविता

Hindi poetry

भारत के डॉ प्रखर दीक्षित की कविता 'पूरा हिंदुस्तान है हिंदी' की कुछ पंक्तियां Source: SBS / Anita Barar

भारत में हर वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 के दिन हिंदी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था। इस पॉडकास्ट में सुनिये भारत के नेताओं और साहित्यकारों के विचारों के साथ साथ कवि डॉ प्रखर दीक्षित की इस पूरी कविता की संगीतमय प्रस्तुति।


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By Anita Barar

Presented by Anita Barar

Source: SBS


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भारत में हर वर्ष 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत की संविधान सभा ने 14 सितंबर 1949 के दिन हिंदी भाषा को देश की आधिकारिक भाषा के रूप में अपनाया था। इस पॉडकास्ट में सुनिये भारत के नेताओं और साहित्यकारों के विचारों के साथ साथ कवि डॉ प्रखर दीक्षित की इस पूरी कविता की संगीतमय प्रस्तुति।


हिंदी भाषा का भारतीय संस्कृति और सभ्यता के प्रति योगदान, उसकी जीवंतता और समाज से इसके गहरे संबंध को दर्शाते हुये भारत के कई नेताओं और साहित्यकारों ने काफी कुछ कहा और लिखा है।

सभी अपने विचारों और अपनी रचनाओं के माध्यम से इस बात का ओर ध्यान दिलाते हैं कि हिन्दी केवल एक संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह भारत की संस्कृति और परंपराओं का अभिन्न हिस्सा है।

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद का कथन था, “जिस देश को अपनी भाषा और साहित्य का गौरव का अनुभव नहीं है, वह उन्नत नहीं हो सकता।”

भारत के राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर कहते हैं कि “हिंदी भाषा नहीं, यह आत्मा है भारतीयता की।” 

इसी तरह मैथिलीशरण गुप्त कहते हैं कि “हिंदी में वह शक्ति है, जो देश को एक सूत्र में पिरो सकती है।” 

हिन्दी के लिये जाने माने नेताओं और साहित्यकारों के कुछ विचारों को सुनते हुये, इस पॉडकास्ट में सुनिये भारत के कवि डॉ प्रखर दीक्षित की एक पूरी कविता की संगीतमय रेडियो प्रस्तुति।

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हर दिन शाम 5 बजे एसबीएस हिंदी का कार्यक्रम सुनें और हमें Facebook पर फ़ॉलो करें।


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