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हिंदी: द उलुरु स्टेटमेंट फ्रॉम द हार्ट

Uluru Statement
Source: Jimmy Widders Hunt

मई 2017 में आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदाय के प्रतिनिधि उलुरू के पास फर्स्ट नेशन्स नेशनल कॉन्स्टिट्यूशनल कन्वेन्शन के लिए एक साथ एकत्र हुए और दिल से उलुरू व्यक्तव्य को अपनाया. यह वक्तव्य संविधान में ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशन समुदाय को मान्यता देते हुए ऑस्ट्रेलियाई संविधान में बदलाव का प्रस्ताव करता है. और सच्चाई न्याय और आत्मनिर्णय के आधार पर आगे का रास्ता बताता है.


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मई 2017 में आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर समुदाय के प्रतिनिधि उलुरू के पास फर्स्ट नेशन्स नेशनल कॉन्स्टिट्यूशनल कन्वेन्शन के लिए एक साथ एकत्र हुए और दिल से उलुरू व्यक्तव्य को अपनाया. यह वक्तव्य संविधान में ऑस्ट्रेलिया के फर्स्ट नेशन समुदाय को मान्यता देते हुए ऑस्ट्रेलियाई संविधान में बदलाव का प्रस्ताव करता है. और सच्चाई न्याय और आत्मनिर्णय के आधार पर आगे का रास्ता बताता है.


हम, दक्षिणी आकाश के नीचे सभी स्थानों से आकर साल 2017 के राष्ट्रीय संवैधानिक सम्मेलन में एकत्र हुए थे. हृदय से ये अभिव्यक्त करते हैं.

हमारी आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर जनजातियां ऑस्ट्रेलियाई महाद्वीप और उसके आस पास के द्वीपों के पहले संप्रभु राष्ट्र थे. और इस जगह पर हमारा अपने कानून और रीति-रिवाज़ों के मुताबिक अधिकार था.

यह हमारे पूर्वजों ने इसकी उत्पत्ति से चली आ रही हमारी संस्कृति के मुताबिक किया था. ये अति प्राचीन काल से चले आ रहे सामान्य कानून और 60,000 साल पुराने विज्ञान के अनुसार था.

यह संप्रभुता एक आध्यात्मिक धारणा है: यह भूमि या प्रकृति माता और उन आदिवासी (Aboriginal) एवं टोरेस स्ट्रेट आइलैंड के लोगों के बीच पैतृक संबंध है, जो कि उससे पैदा हुए थे. उससे जुड़े रहे हैं और जिन्हें एक दिन हमारे पूर्वजों के साथ एकजुट होने के लिए वापस चले जाना है.

यह संबंध-सूत्र मिट्टी के स्वामित्व का आधार है या बेहतर शब्दों में संप्रभुता का. इसे कभी भी त्यागा या समाप्त नहीं किया गया है और यह क्राउन की संप्रभुता के साथ सह-अस्तित्व में है।

यह किसी और रूप में हो भी कैसे सकता है कि उन लोगों के पास यह भूमि साठ सहस्राब्दियों से थी और यह पवित्र कड़ी मात्र पिछले दो सौ वर्षों में विश्व-इतिहास से ग़ायब हो गई?

हमारा मानना है कि पर्याप्त संवैधानिक परिवर्तन और संरचनात्मक सुधार के साथ यह प्राचीन संप्रभुता ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीयता की पूर्ण अभिव्यक्ति के रूप में प्रकाशमान हो सकती है।

आनुपातिक रूप से, इस ग्रह पर कारावासों में रखे गए लोगों में हमारी संख्या सबसे अधिक है। हम स्वभावत: अपराधी लोग नहीं हैं। हमारे बच्चों को अभूतपूर्व संख्या में उनके परिवारों से अलग कर दिया गया है।

यह इसलिए नहीं है कि हमें उनसे कोई प्रेम नहीं है। और हमारे असंख्य युवा कारावासों में मुरझा रहे हैं। जबकि वे हमारे भविष्य की आशा होने चाहिए.

हमारे संकट के ये पहलू स्पष्ट रूप बताते हैं कि हमारी समस्या संरचनात्मक तौर पर कितनी जटिल है।

यह हमारी शक्तिहीनता की पीड़ा है।

अपने लोगों को समर्थ बनाने और हमारे अपने देश में एक उचित स्थान प्राप्त करने के लिए हम संवैधानिक सुधार चाहते हैं।

जब हमारा अपने भाग्य पर अधिकार होगा तो हमारे बच्चे फले-फूलेंगे। वे दो तरह की दुनिया में विचरण कर पाएंगे और उनकी संस्कृति उनके देश के लिए उपहार होगी।

हम फ़र्स्ट नेशन्स की आवाज़ की स्थापना और उसे संविधान में प्रतिष्ठापित किए जाने की माँग करते हैं।

मैकराटा हमारे एजेंडे का चरम बिंदु है: संघर्ष के बाद एक साथ आना । 

यह ऑस्ट्रेलिया के लोगों के साथ निष्पक्ष और सत्यतापूर्ण संबंध और हमारे बच्चों के लिए न्याय तथा स्वभाग्य-निर्णय पर आधारित बेहतर भविष्य के लिए हमारी आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करता है।

हम सरकारों और फ़र्स्ट नेशन्स के बीच समझौते की प्रक्रिया की निगरानी के लिए और अपने इतिहास के बारे में सच्चाई बताने के लिए मैकराटा आयोग चाहते हैं।  

1967 में हमारी गणना हुई थी, 2017 में हम चाहते हैं कि हमें सुना जाना चाहिए। हम बेस कैंप छोड़ रहे हैं और इस पूरे विशाल देश की अपनी लम्बी यात्रा आरम्भ कर रहे हैं। बेहतर भविष्य के लिए ऑस्ट्रेलियाई लोगों के इस आंदोलन में अपने साथ चलने के लिए हम आपको आमंत्रित करते हैं।

ज्यादा जानकारी के लिए कृपया उलुरू डायलॉग की वेबसाइट www.ulurustatement.org पर जाएं या इंडीजीनस लॉ सेंटर, यूएनएसडब्लू को ilc@unsw.edu.au पर ईमेल करें.

‘उलुरू स्टेटमेंट फ्रॉम द हार्ट’ के पीछे की संवाद प्रक्रिया के बारे में और अधिक जानें, जहां ऑस्ट्रेलिया भर के फर्स्ट नेशन लोगों ने बदलाव के लिए विचारों पर चर्चा की और अलग-अलग बातों को रखा. 

अलग संस्कृतियों और भाषाओँ वाले समुदायों के साथ उनकी अपनी भाषा में राष्ट्रीय संवाद जारी रखने के लिए एसबीएस ने उलुरू स्टेटमेंट फ्रॉम द हार्ट को 63 भाषाओं में उपलब्ध कराया है. 


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