साज़ संतूर और इसकी ध्वनि के बारे में बताते हुए राहुल शर्मा ने कहा, “इसका संगीत मधुर है। संतूर का संबंध पहाड़ों और झरनों से है। मैं कहूंगा कि यह संगीत प्रकृति की खूबसूरती से जुड़ा हुआ है।"
"संगीत आपको दैवीय अनुभूति देता है।"

वह कहते हैं कि फ़्यूज़न या विश्व संगीत में इस तरह के प्रयोग कर पा रहे हैं और संगीत की शुद्धता भी बनी हुयी है क्योंकि इसका मूल शास्त्रीय ही है।
यह पूछने पर कि अन्य शैलियों और संगीत के संलयन के साथ सहयोग करते समय सबसे महत्वपूर्ण तत्व क्या हैं, उन्होंने कहा,
“रचनात्मक पहलू एक महत्वपूर्ण पहलू है। इसे कुछ ऐसा होना चाहिए जो स्थायी हो और कनेक्ट कर सके ।''
राहुल शर्मा ने 'मुझसे दोस्ती करोगे' जैसी कुछ भारतीय फिल्मों के लिए संगीत भी दिया है और उनसे जुड़े रहे हैं, फिल्म 'लम्हे' के लिए गाने, कभी में कहूँ की धुन तैयार की है, 'परंपरा', 'साहिबान' आदि फिल्मों में काम किया है।
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