श्री तुषार जोशी ने खाना पकाने आदि के काम करने के संदर्भ में कहा कि ऐसे बुनियादी कौशल को लिंग के आधार पर वर्गीकृत नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन "जब मैं सिडनी में अकेले रहता था, तो मैंने इसकी गहराई को समझा और अनुभव किया।" वह भारतीय चैरिटी, आशा सोसाइटी और सिडनी विश्वविद्यालय के सहयोग द्वारा स्थापित ‘सिडनी स्कॉलर्स इंडिया इक्विटी स्कॉलरशिप 2021’ के प्राप्तकर्ता हैं और अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अपनी मास्टर डिग्री पूरी कर रहे है। उन्होंने, जो भारत में दिल्ली की एक झुग्गी में पले बड़े हुये, अपनी अब तक के अपने अनुभवों के बारे में बताया और कहा कि उनका लक्ष्य दुनिया में सकारात्मक योगदान देना है, "मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र इसके लिए सबसे अच्छा मंच है।”
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