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कोविड-19: छात्रों, बुज़ुर्गों और स्वास्थ्य कर्मियों के लिए बढ़े मदद के हाथ

Prashant singh sec of FIA WA
Source: Supplied / Prashant Singh

फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के सचिव प्रशांत सिंह कहते हैं कि बुज़र्गों और एकांतवास में रह रहे लोगों को वो ज़रूरत पड़ने पर घर पर ही खाना मुहैया करा सकते हैं.


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By Gaurav Vaishnava

Source: SBS


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फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशंस ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के सचिव प्रशांत सिंह कहते हैं कि बुज़र्गों और एकांतवास में रह रहे लोगों को वो ज़रूरत पड़ने पर घर पर ही खाना मुहैया करा सकते हैं.


कोविड-19 से निपटने के लिए बाकी देशों की तरह ऑस्ट्रेलिया में भी सरकार हर रोज़ कुछ कड़े नियम बनाकर लोगों में इस वायरस को फैलने से रोकने का प्रयास कर रही है.

ऐसे में लोगों को कहा जा रहा है कि वो ज्यादातर समय घर पर ही बिताएं. ज़ाहिर है ज़रूरत का सामान लेने लोग बाहर निकल सकते हैं लेकिन बहुत ऐसे लोग हैं जिन्हें इस वायरस से सबसे ज्यादा सावधानी बरतनी होगी वो हैं.

बुज़ुर्ग लोग, ऐसे लोग जो पहले से ही किसी बीमारी से जूझ रहे हैं. और अब एक बड़ा तादात अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों की भी है जिनके पास कोई आमदनी का ज़रिया नहीं रहा है. ये वो सभी लोग हैं कि जो मौजूदा वक्त में सबसे ज्यादा प्रभावित हैं.

लेकिन इतना तय है कि ये अकेले नहीं है.

कई संस्थाएं, कई लोग, कई समुदाय इस मुश्किल वकत् में मदद के लिए सामने आ रहे हैं.

छात्रों को बुज़ुर्गों के लिए ऐसा ही एक मदद का हाथ बढ़ाया है.

फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया ने. जो पर्थ में अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों, बुज़ुर्ग लोगों और  स्वास्थ्य कर्मियों के लिए भोजन मुहैया करा रहे हैं.

कैसे ये फैसला लिया गया और कैसे ये काम किया जा रहा है. इस बारे में हमने बात की पर्थ में संस्था के सचिव प्रशांत सिंह से. प्रशांत कहते हैं कि केवल पर्थ में ही नहीं ऑस्ट्रेलिया के लगभग सभी बड़े शहरों में और सभी राज्यों में फैडरेशन ये मदद मुहैया कराने के लिए तैयार है. 

उन्होंने बताया कि खाने के लिए कुछ होटल और भारतीय खाद्य सामग्री के विक्रेता उनके माध्यम से लोगों की मदद के लिए सामने आए हैं. इसके अलावा कोई छात्र या बुज़र्ग अगर मानसिक तौर पर भी परेशान हैं तो अपनी परेशाना साझा कर सकते हैं. 

प्रशांत कहते हैं कि मुश्किल की इस घड़ी में भारतीय समुदाय के लोगों को अन्तर्राष्ट्रीय छात्रों को गोद लेने की अपील की है उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो छात्रों को मानसिक तौर पर भी मदद मिल सकेगी. 

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प्रशांत सिंह ने एसबीएस हिंदी को कुछ नाम और ई-मेल मुहैया कराए हैं जहां से मदद ली जा सकती है. 

1. डॉक्टर सुनीता ढींसा, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ एसीटी

    ई-मेल - info@finact.org.au

2. डॉक्टर यदु सिंह, अध्यक्ष फेजरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ न्यू साउथ वेल्स 

   ई-मेल - fianinc1@gmail.com

3. डॉक्टर राम मोहन, सलाहकार, फेडरेशन ऑफ इंडियन कम्युनिटीज़ ऑफ क्वींसलैंड आईएनसी.

   ई-मेल - info@ficq.org.au

4. अतुल गर्ग, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया 

   ई-मेल - chairperson@fiawa.org.au

5. प्रशांत सिंह, सचिव फेडरेशन ऑफ इंडियन एसोसिएशन्स ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया 

   ई-मेल - secretary@fiawa.org.au

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ऑस्ट्रेलिया में लोगो को एक-दूसरे से कम से कम 1.5 मीटर का फासला रखने की सलाह दी जा रही है. साथ ही केवल दो लोगों को ही एक साथ रहने की इजाज़त है बशर्ते कि वो अपने परिवार या घर वालों के साथ नहीं है. 

अगर आपको लगता है कि आप वायरस के संपर्क में आए हैं तो अपने डॉक्टर को कॉल करें, लेकिन उनके पास जाएं नहीं. या फिर राष्ट्रीय कोरोना वायरस स्वास्थ्य सूचना हॉटलाइन को 1800 020 080 पर संपर्क करें. 

अगर आपको सांस लेने में परेशानी हो रही है या आप कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस कर रहे हैं तो 000 पर कॉल करें. 


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