लखनऊ के चौथे बादशाह अमजद अली शाह द्वारा बनवाया गया मकबरा और इमामबाड़ा लगभग 175 साल पुराना है। यह उन हेरिटेज स्मारकों में से एक है जिसकी देखरेख भारत का पुरातत्व विभाग तो कर रहा है मगर इसकी स्तिथि गुज़रते वक़्त के साथ जर्जर हो रही थी। इसी के देखते हुए लखनऊ शहर के वकील मोहम्मद हैदर ने इस स्मारक के लिए एक लड़ाई शुरू की जिसकी वजह से आज 14 साल बाद यह स्मारक अपने पुराने रूप में हज़रतगंज में फिर से खड़ा हो गया है। भले ही हैदर पेशे से वकील है लेकिन इन्होंने अपने शहर के इतिहास में एक हेरिटेज इमारत को बचा लिया है।
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