1966 की फिल्म सूरज के गाने ”तितली उड़ी उड़ जो चली फूल ने कहा आजा मेरे पास तितली कहे मैं चली आकाश” से हिन्दी सिनेमा में अपनी अलग पहचान बनाने वाली गायिका शारदा को वर्ष 1967 के फिल्मफेयर का विशेष पुरस्कार दिया गया था क्योंकि उन दिनों गायन के लिये सिर्फ एक ही फिल्म फेयर एवार्ड होता था जो मिला रफी साहव को फिल्म सूरज के ही गाने "बहारों फूल बरसाओ" के लिये।
1969 में आयी फिल्म ‘जहां प्यार मिले’ में हेलेन पर फिल्माए गए गीत ‘बात जरा है आपस की’ के लिए शारदा को सर्वश्रेष्ठ गायिका का फिल्म फेयर पुरस्कार मिला था।
उनकी आवाज शंकर जयकिशन के निर्देशन में आयी फिल्मों में तो सुनाई देती रही लेकिन चूंकि उनकी आवाज कुछ हट कर थी, तो उनकी आलोचना भी खूब हो रही थी।
इसके साथ ही उन पर शंकर जयकिशन की गायिका का तमगा भी लग गया था।
शायद यही वजह रही कि उनकी आवाज़ शंकर जयकिशन द्वारा संगीत दी गई फिल्मों के अलावा लगभग न के बराबर ही सुनाई दी।
शारदा ने 1971 में अपना पॉप एल्बम ”सिज़लर्स” रिलीज किया। यह वह समय था जब भारत में पॉप म्यूजिक का इतना बाज़ार नहीं था। उनका यह प्रयोग बस साधाहरण चर्चा तक ही रहा।
कुछ फिल्मों में शारदा अयंगर ने संगीत भी दिया था ।
इस पॉडकास्ट में गायिका शारदा राजन अयंगर के प्रति एसबीएस रेडियो की तरफ से श्रद्धांजलि।
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