Indian teacher Sanjay Pathak (pictured with trophy in centre) is turning rural girls from Bihar into international athletes. Source: Supplied by Sanjay Pathak
ओलिंपिक मैडल एक दिन में नहीं आ जाता है। हर खिलाडी ने अपने स्कूल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहले मैडल हासिल किये होते हैं। बिहार के पिछड़े सिवान जनपद के एक साधारण शिक्षक संजय पाठक ने स्कूली लड़कियों को खेलने के लिए सहारा दिया और उनके लिए अलग स्पोर्ट्स अकादमी तक बना दी। यह लडकियां नेशनल, फ्रांस, बांग्लादेश, तजाकिस्तान और श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
ओलिंपिक मैडल एक दिन में नहीं आ जाता है। हर खिलाडी ने अपने स्कूल, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पहले मैडल हासिल किये होते हैं। बिहार के पिछड़े सिवान जनपद के एक साधारण शिक्षक संजय पाठक ने स्कूली लड़कियों को खेलने के लिए सहारा दिया और उनके लिए अलग स्पोर्ट्स अकादमी तक बना दी। यह लडकियां नेशनल, फ्रांस, बांग्लादेश, तजाकिस्तान और श्रीलंका में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
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