मेलबोर्न के भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समाज के कई संगठनों ने फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एसोसिएशन्स ऑफ़ विक्टोरिया के तत्वाधान में “सेलेब्रटिंग इंडियन यूनिटी” नाम से मार्च निकला।
एफ आई ए वी के अध्यक्ष शरद गुप्ता ने एसबीएस हिंदी को बताया कि विक्टोरिया की स्टेट पार्लियामेंट से फेडरेशन स्क्वायर तक के इस मार्च में उन का मकसद इसके माध्यम से जम्मू और कश्मीर के मुद्दे पर फैली भ्रांतियों को दूर करना है।

“आर्टिकल ३७० को हटाना भारत सरकार का अंदरूनी मामला है, ये एक टेम्परोरी व्यवस्था थी। हमें लगता है की अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख को यूनियन टेरिटरी बनाए जाने से इसका सीधा लाभ वहां के लोगो को मिलेगा।”
इस मार्च में कश्मीरी पण्डितस कल्चरल एसोसिएशन सहित भारत के अलग अलग हिस्सों की भारतीय ऑस्ट्रेलियाई संस्थाओं ने भाग लिया।

इनमें राजिस्थानी कुटुंब, एसोसिएशन ऑफ़ हरयाणवी इन विक्टोरिया, इंडियन तमिल एसोसिएशन ऑफ़ विक्टोरिया, मराठा मंडल और उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की एसोसिएशन प्रमुख रही।
कश्मीरी पण्डितस कल्चरल एसोसिएशन की अध्यक्ष इन्दु कौल ने एसबीएस हिंदी से कहा कि उनके संगठन के मार्च में शामिल होने के दो प्रमुख कारण रहे।
“ऑस्ट्रेलिया भर में मीडिया ने इस फैसले पर नकारात्मक रुख अपनाया, हमें यानि कश्मीरी पंडितो को अपनी बात कहने के लिए कोई प्लेटफॉर्म नहीं था, दूसरा कारण ये कि १४ सितम्बर को हम कश्मीरी पंडित बलिदान दिवस मानते है, इसीलिए इस हफ्ते में ये मार्च निकला गया।”
शरद गुप्ता भी इससे सहमत दिखे।
“बात ये हैं की मीडिया में और सोशल मीडिया में काफी तथ्यहीन नरेटिव चल रहा था, इसकी वजह से हम लोगो ने सही फैक्ट्स सामने रखने के लिए ये कदम उठाया।”
इन्दु कौल बताती हैं कि “हम सिर्फ अपना समर्थन इस कदम की ओर दिखा रहे हैं जिससे जम्मू और कश्मीर में आगे का रास्ता और लोगो का भविष्य बेहतर हो सके।”

“मैं एक कश्मीरी पंडित हूँ, और मेरे जैसे लोगो को कश्मीर में बसाने और उनकी सुरक्षा के इंतजाम से आगे का रास्ता बनेगा। मुझे लगता है एजुकेशन और एम्प्लॉयमेंट के लिए इलाके के इन्वेस्टमेंट प्लैटफॉर्म्स को मजबूत किया जाए।”
एफ आई ए वी के अध्यक्ष शरद गुप्ता के शरद गुप्ता कहते है कि अब भारतीय ऑस्ट्रेलियाई कश्मीर क्षेत्र में विकास और शांति की कामना कर रहे हैं। ------------------------------------------------------------------------------------------------




