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कश्मीर पर फैसले के बाद पाकिस्तान ने भारतीय उच्चायुक्त को निकाला और द्विपक्षीय व्यापार भी किया निलंबित

Restrictions Imposed In Several Districts Of Jammu And Kashmir

Hint askerler Keşmir'de nöbette. Source: Getty Images

जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले से पाकिस्तान नाराज़ और परेशान है इसी कारण जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को खत्म करने के भारत के फैसले के जवाब में पाकिस्तान ने कल देर शाम कई फैसले लिए है।


Published

By Jitarth Jai Bharadwaj

Source: SBS



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जम्मू कश्मीर पर भारत के फैसले से पाकिस्तान नाराज़ और परेशान है इसी कारण जम्मू कश्मीर के पुनर्गठन और अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधानों को खत्म करने के भारत के फैसले के जवाब में पाकिस्तान ने कल देर शाम कई फैसले लिए है।


पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की अध्यक्षता में हुई नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल की बैठक में भारत से राजनयिक संबंधों का स्तर घटाने का फ़ैसला लिया गया।  इसके तहत पाकिस्तान भारत में अपने उच्चायुक्त को वापस बुला रहा है और उसने पाकिस्तान से भारतीय उच्चायुक्त को वापस भेजने का फ़ैसला किया है।

साथ ही पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार को भी रोकने का फैसला किया।

जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले के खिलाफ पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपील की घोषणा भी की है। 

इससे पहले सोमवार ५ अगस्त को भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 के विशेष प्रावधानों को हटा दिया था और इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष राज्य का दर्जा भी खत्म हो गया।

वहीं, इसके अलावा भारत द्वारा जम्मू कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी बाँटा गया है, अब जम्मू कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाएंगे।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने एनएससी बैठक के बाद कहा, “हमारे राजनयिक अब भारत में तैनात नहीं रहेंगे और यहां से उनके समकक्षों को वापस भेजा जाएगा।” 

भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया इस्लामाबाद में हैं, जबकि उनके पाकिस्तानी समकक्ष मोइन-उल-हक को नई दिल्ली में कार्यभार संभालना है।

आब्जर्वर रिसर्च फ़ाउंडेशन के डायरेक्टर और किंग्स कॉलेज लंदन के अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्धो के प्रोफेसर डॉ हर्ष पंत ने एसबीएस हिंदी से कहा, “पाकिस्तान के पास इस समय ज्यादा विकल्प मौजूद नहीं है।”

पाकिस्तान को छोड़ कर वैश्विक बिरादरी के किसी देश ने भारत के कदमों का अभी तक विरोध नहीं किया है जबकि उसके समर्थन में कई देशों ने बयान जारी किये हैं।

डॉ पंत कहते है कि “चीन ने भी अपने बयान में कही धारा ३७० का जिक्र नहीं किया, उन्होंने सिर्फ लद्दाख को केंद्र-शासित राज्य बनाने पर अपनी प्रतिक्रिया दी।”

भारत और पाकिस्तान के बीच हर साल करीब २ बिलियन डॉलर का व्यापार होता है।

डॉ पंत के मुताबिक, “उसकी बिगड़ती अर्थव्यवस्था के कारण पाकिस्तान पर व्यापार बंद होने का असर ज्यादा होगा, भारत के लिए ये व्यापार बहुत मायने नहीं रखता।”  

 


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