कथक उत्तर भारत की शास्त्रीय नृत्य शैली है। कथक या कत्थक कथा से लिया गया है, जिसका अर्थ है "एक कहानी", और इसलिए कथक शब्द का अर्थ है एक कहानीकार । इस पॉडकास्ट में सुनिये कथक नृत्य शिक्षिका शिखा छंगानी और कर्नाटक संगीत गायिका कल्पना राजा के साथ एक बातचीत जिसमें यह दोनों कलाकारा अपनी कला अर्थात संगीत और कथक नृत्य के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती हैं।
कथक शिक्षिका शिखा छंगानी समझाती हैं कि कथक में लय और अभिव्यक्ति कैसे एक दूसरे के पूरक बनते हैं। वह विस्तार में कथक नृत्य के अलग अलग घरानों और उनकी विशेषता पर प्रकाश डालते हुये इस नृत्य के विकास के बारे में भी बताती हैं।

श्रीमती कल्पना राजा मेलबोर्न स्थित एक कर्नाटक संगीतज्ञ हैं और पिचुमनी कर्नाटक संगीत विद्यालय, अय्यर ब्रदर्स के प्रतिष्ठित गुरु श्री रामनाथ अय्यर की शिष्या हैं।
संगीत बचपन से ही उनकी प्रेरक शक्ति रही है।

एसबीएस के साथ इस बातचीत में दोनों ही कलाकारों ने अपनी कला का भी प्रदर्सन किया जब कल्पना राजा के हिन्दुस्तानी संगीत के गायन पर बैठक भाव में शिखा छंगानी ने अपनी भाव भंगिमा से अभिनय प्रस्तुति की।

मेलबर्न के तत्कार स्कूल द्वारा कथक शैली में प्रस्तुत नृत्य नाटिका 'अभंग राम' भारतीय महाकाव्य रामायण पर आधारित है।
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