फेडरल सरकार का एक प्रस्ताव है कि क्लीन एनर्जी फंड से पैसा ले कर कोयले की आग से चलने वाले पॉवर स्टेशन के लिये पैसा दिया जाय, तो इसके बाद से आस्ट्रेलिया की बीजली सप्लाई पर चल रही एक बहस को जैसे और हवा मिली है। इसी पर प्रसतुत है एक फीचर अनीता बरार के साथ ...
ऊर्जा मंत्री जॉश फ्राइडेनबर्ग ने घोषणा की है कि सरकार केलीन एनर्जी फाइनेन्स कारपोरेशन को आदेश दे सकती है कि वह स्वच्छ कोयला कहे जा रहे कोयला प्लांट में पूंजी लगाये।
इस फंड को संचालित करने वाला कानून सिर्फ इस बात पर प्रतिबन्ध लगाता है कि पैसे को इन दो तकनीकियों पर नहीं लगाया जायेगा - एक न्यूकिलियर पावर पर और दूसरा कार्बन को पकड़ने और उसको स्टोर करने में।
कार्बन केप्चर एंड स्टोरज़ एक विवादित तकनीकि है जिसंमें कोयले से निकलने वाली दूषित गैस को इकट्ठा करके उसे दोबारा धरती में पंप कर दिया जाता है।
अब कुछ का मानना है कि थोड़े समय के बाद, गैस के लीक होने का खतरा है।
सरकार के इस प्रस्ताव का लेबर के साथ साथ ग्रीन्स भी विरोध कर रहे हैं।



