कोविड 19 ने भारत में मज़दूरों के पलायन की तस्वीर बदल दी है। असमंजस की स्थिति में ये मज़दूर आंखों में दर्द, खाली पेट और खाली जेब लिये एक लम्बा सफर तय करते, दूर अपनी मंज़िल - अपने घर की ओर निकल पड़े हैं। लेकिन क्यों? भारत के जाने-माने चिंतक, कवि, व्यंग्यकार, लेखक अनिल शर्मा जोशी की ज़ुबानी, इन मज़दूरों की व्यथा…
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