पिछले तीन सालों में, चार बार देश के प्रधानमंत्री बदले गये। और अभी लेबर और लिबरल, सर्वेक्षण में लगभग बराबर चलने की वजह से, प्रधान मंत्री श्री टर्नबुल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस ऊपर की कुर्सी पर अब और बदलाव न हो।
अपने कार्यकाल के दौरान श्री टर्नबुल ने कई रुकावटों का सामना किया। टेक्स रिफार्मस्, पर्यावरण और समलिंग विवाह के मुद्दे आदि। कई मतदाताओ ने उनके काम करने के ढंग पर निराशा व्यक्त की है और उनकी लोकप्रियता में भी कमी आयीहै।
लेकिन वह कहते हैं कि उनकी पृष्टभूमी उन्हें राजनीति में मजबूत बनाती है।
वह, सिडनी के समृद्ध हिस्से - वोकलूज और डबुल बे जैसी जगह पर एक अकेले अविभावक की देखरेख में पले बड़े हुये। शुरु में एक स्टेट स्कूल में पढ़ने के बाद, वह स्कालरशिप पर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़े।
सिडनी यूनीव्रसिटी से कानून की पढ़ाई करने के बाद, उन्हें अगे पढ़ाई के लिये ऑक्सफोर्ड यूनीवर्सिटी के लिये रोडस् स्कालरशिप मिला।
80 के आखिर में, वह पूर्व ब्रिटिश M-1-5 ऑफीसर पीटर राइट की विवादित पुस्तक स्पाइकैचर के प्रकाशन के पक्ष में, एक बैरिस्चर के रूप में प्रसिद्ध हुये।
बाद में उन्होंने अपनी कानूनी फर्म बनाई और Goldman Sachs Australia के अध्यक्ष और मैनेजिंग डायरेक्टर बन गये।
2004 में वह, Wentworth की सीट से जीत कर सांसद बने और 2008 में नेता कसौटी पर एक वोट से श्री एबट से पीछे रह गये।
पूर्व लिबरल एटोर्नी जनरल Tom Hughes, जो उनके ससुर हैं, वह उन्हें एक आदर्शवादी और निष्ठावान व्यक्ति बताते हैं।
और प्रधानमंत्री श्री टर्नबुल स्वयं भी वोटरों को यकीन दिलाने में व्यसेत है कि वही इस सबसे ऊँची कुर्सी के लिये सर्वश्रेष्ट व्यक्ति हैं।




