हिंदी सिनेमा के दिग्गज संगीतकार खय्याम

Khayyam

Indian Bollywood music composer Khayyam Source: AFP / SUJIT JAISWAL/AFP via Getty Images

भारत के हिंदी सिनेमा में अपनी सुकून भरी संगीत शैली की अनोखी पहचान बनाने वाले पद्म भूषण खय्याम साहब का संगीत आज भी लाखों करोड़ो लोगों के दिलों में गूंजता हैं। चाहे फिल्म 'फुटपाथ' में 'शामे ग़म की कसम आज ग़मगीं हैं हम' हो या 'शोला और शबनम' का 'जीत ही लेंगें बाजी', उनके संगीत की ऐसी 'सुबह आयी' कि अनगिनत गीत और शायरी जैसे खुद यह कह उठे कि 'दिल चीज क्या है आप मेरी जान लीजिये'। खय्याम साहब को अपने रचनात्मक संगीत करियर के दौरान, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार सहित एक राष्ट्रीय पुरस्कार, दो फिल्मफेयर पुरस्कार और लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिले। 19 अगस्त 2019 को इस दुनिया को अलविदा कह गये बेमिसाल धुनों के जादुगर खय्याम साहब को कभी भी भुलाया नहीं जा सकेगा।


हर दिन शाम 5 बजे एसबीएस हिंदी का कार्यक्रम सुनें और हमें Facebook और Twitter पर फॉलो करें।


Share

Follow SBS Hindi

Download our apps

Watch on SBS

SBS Hindi News

Watch it onDemand

Watch now