क्या आप जानते हैं कि भारत में एक ऐसा व्यक्ति है जिसने विदेशों में नयी नयी लोकेशंस को भारतीय फिल्मों के लिए उपलब्ध कराया है? ये हैं चेन्नई के नटराजन रामजी।
भारत में फिल्मों का अपना एक अलग क्रेज रहता है। ऐक्शन, गाना, ड्रामा के अलावा एक और चीज़ जो आकर्षित करती है, वह है फिल्मों की लोकेशन। यानी फिल्म कहां शूट हुई है। खासकर गानों में एक से एक लोकेशन देखने को मिलती हैं, चाहे स्विट्ज़रलैंड की हसीन वादियां हों या फिर कोई ऐतिहासिक भव्य महल, भारत की फिल्मों में लोकेशन का एक महत्वपूर्ण स्थान रहता हैं।
मुख्य बातेंः
- भारतीय फिल्मों में विदेशी लोकेशंस खूब दिखाई देती हैं।
- इन लोकेशंस की तलाश से लेकर शूटिंग मैनेज तक का काम करते हैं नटराजन रामजी।
- रामजी ने 70 से ज्यादा देशों तक भारतीय फिल्मों को पहुंचाया है।
विदेशों की भी खूब लोकेशंस दिखती हैं जैसे ऐल्प्स माउंटेन रेंज की ख़ूबसूरती हो, सिडनी का ओपेरा हाउस या लंदन का थेम्स नदी का ब्रिज, इन्हें सब भारतीय फिल्मों से जानते हैं।
सुनिए, नटराजन रामजी की कहानी, उन्हीं की ज़बानीः
नटराजन रामजी भारत में फिल्मों के लिए विदेश में आउटडोर शूट लोकेशन की व्यवस्था संभालते हैं। अपने इस कार्य की वजह से रामजी स्वयं 140 देशों की यात्रा कर चुके हैं। इनके 16 पासपोर्ट भर चुके हैं। कई देशो में ये 50 बार से ज्यादा भी जा चुके है।
चाहे बाहुबली की शूटिंग बुल्गारिया में हो या फिर रजनीकांत की फिल्म रोबोट की शूटिंग पेरू के माचू पिचू में, या फिर रोहित शेट्टी की दिलवाले फिल्म की शूटिंग आइसलैंड में हो, सब जगह नटराजन रामजी का ही मैनेजमेंट रहता है।
नटराजन रामजी ने ये सब काम किसी प्लानिंग के तहत नहीं किया था। पढाई में वह इतने तेज़ नहीं थे। किसी तरह दक्षिण भारत में फिल्मो में अभिनय करने लगे। फिर एक तेलुगु फिल्म रुद्रनेत्र की शूटिंग उन्होंने विदेश में करवाई और उसमे अभिनय भी किया। वहां से वह अपने आप फिल्मों के लिए लोकेशन स्काउट करने लगे।आज रामजी को फिल्म इंडस्ट्री में लोकेशन गुरु के नाम से जाना जाता है।

नटराजन रामजी का सफर आसान नहीं था। पहले विदेशों में शूटिंग बहुत मुश्किल थी। डायरेक्टर सिर्फ एक-दो गाने की शूटिंग करने ही विदेश जाते थे। लेकिन धीरे धीरे जब बंधन हटे और लोगों में भी जागरूकता आयी, तब विदेशों में शूटिंग भी आसानी से होने लगी।
नटराजन रामजी जब भी किसी देश जाते तो वहां नयी नयी जगह खूब घूमते। उस देश के अनछुए स्थानों पर जाते, फोटो लाते, वहां की किताबें लाते जिनमें उन जगहों के बारे में लिखा होता। फिर भारत में डायरेक्टर्स को दिखाते जो शायद कुछ पसंद करते और वहां जाने का मैनेजमेंट करते।
अब तो काम काफी आसान हो गया है। सोशल मीडिया और गूगल की वजह से पहले से ही सब लोकेशन देख लेते हैं। फिर भी विदेश से ऐसी जगह खोज कर लाना आसान नहीं होता जो ज़्यादा पॉपुलर न हो और फिल्म के अनुरूप हो। नटराजन रामजी ने इस तरह लगभग 70 देशो में पहली बार भारतीय फिल्मों की शूटिंग करवाई और फिर वह जगह इतनी प्रसिद्ध हो गयी कि लोगों के दिल और दिमाग पर छ गयी।

इस यात्रा में नटराजन रामजी लगभग पूरी दुनिया घूम लिए और भारत का शायद ही कोई ऐसा सितारा बचा हो जिसके साथ काम न किया हो। अनिल कपूर से लेकर गोविंदा, आमिर खान, ऋतिक रोशन, कमल हसन, रजनीकांत, प्रभाष, चिरंजीवी और यहां तक कि तीन पीढ़ियों के कलाकारों के साथ सैकड़ों फिल्मों में सहयोग किया है।
आप क्या चाहते हैं, आपको क्या बनना है, ये शायद महत्वपूर्ण नहीं है। ज़रूरी है कि आपका जुनून और आपका दिल आपको क्या करने को कहता है। नटराजन रामजी इसका सटीक उदाहरण हैं। उनको घूमना पसंद था और फिर उन्होंने वो कर दिखाया कि भारतीय फिल्म उद्योग में वह एक जाना पहचाना नाम बन गए।





