संगीतकार ओ.पी. नैय्यर (16 January 1926 - 28 January 2007) का नाम हिंदुस्तानी फिल्मों के संगीत के स्वर्ण युग -1950 से 1970 के दशक का पर्याय है। घोड़ा-गाड़ी की थाप और लय भरे उनके संगीत में विविधता के साथ साथ अद्भुत गहराई थी। इस पॉडकास्ट में सुनिये कुछ जानकारी उनके फिल्मी सफर की और तबला ढोलक और हारमोनियम की भारतीय लय को पश्चिमी वाद्ययंत्रों से मिलाकर रचे उस संगीत की जो दशकों बाद भी लोकप्रिय हैं।
अस्वीकरण: इस पॉडकास्ट में दी गयी जानकारी भारत की विभिन्न पत्रिकाओं में प्रकाशित सामग्री के आधार पर है।
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