धार्मिक भेदभाव कानून फिर एक बार चर्चा में है। जहां प्रधानमंत्री इस कानून को फिर एक बार ज़िंदा करना चाहते हैं, पर ऐसा कहने से डरते हैं, वहीं उनके अपने दल के सदस्यों ने साफ़ कर दिया है कि ज़रूरत पड़ने पर वे इस मुद्दे पर दल का साथ छोड़ भी सकते हैं। दूसरी ओर, लेबर इस मुद्दे पर खुल कर अपना पक्ष नहीं रख रहा है। लिबरल बैकबेंच का कहना है कि उनके लिए सर्वोपरि ट्रांसजेंडर बच्चों की सुरक्षा है, तो वहीं दल नेता श्री मॉरिसन लेबर पर इस मुद्दे के राजनीतिकरण का आरोप लगा रहे हैं।
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