Russia's President Vladimir Putin. Source: Getty / Getty Images/TASS
बीते सप्ताहंत रूस की राजनीति किसी थ्रिलर ड्रामा जैसी दिखाई पड़ी, जहां सशस्त्र सैन्य विद्रोह था, बनते-बिगड़ते राजनैतिक समीकरण थे, और एक बिलकुल अप्रत्याशित अंत भी था। रूस की निजी सेना 'वैग्नर आर्मी' का विद्रोह, रूसी राष्ट्रीय सेना की न के बराबर प्रतिक्रिया, और वैग्नर आर्मी के संस्थापक का बिना किसी ख़ास सज़ा के बच निकलना रूसी राष्ट्रपति की सत्ता पर तो सवाल उठता ही है, साथ ही विश्लेषक मानते हैं कि यह युद्ध को यूक्रेन के पक्ष में भी झुका सकता है। पेश है एक विस्तृत रिपोर्ट।
बीते सप्ताहंत रूस की राजनीति किसी थ्रिलर ड्रामा जैसी दिखाई पड़ी, जहां सशस्त्र सैन्य विद्रोह था, बनते-बिगड़ते राजनैतिक समीकरण थे, और एक बिलकुल अप्रत्याशित अंत भी था। रूस की निजी सेना 'वैग्नर आर्मी' का विद्रोह, रूसी राष्ट्रीय सेना की न के बराबर प्रतिक्रिया, और वैग्नर आर्मी के संस्थापक का बिना किसी ख़ास सज़ा के बच निकलना रूसी राष्ट्रपति की सत्ता पर तो सवाल उठता ही है, साथ ही विश्लेषक मानते हैं कि यह युद्ध को यूक्रेन के पक्ष में भी झुका सकता है। पेश है एक विस्तृत रिपोर्ट।