NAIDOC सप्ताह हर साल जुलाई को आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोगों के इतिहास, संस्कृति और उपलब्धियों की मान्यता में मनाया जाता है। NAIDOC, नेशनल एबोरिजिनल एंड आइलैंडर्स डे ऑब्जर्वेंस कमेटी को कहा जाता है। यह आदिवासी और टोरेस स्ट्रेट आइलैंडर लोगों के एक सप्ताह के लंबे उत्सव से पहले, शोक के दिन के रूप में देखा जाता है।
NAIDOC सप्ताह इस साल 4 से 11 जुलाई के बीच मनाया जा रहा है और इस वर्ष की थीम है , हील कंट्री !
इस साल समुदाय का ध्यान पर्यावरण और पवित्र स्थलों की अधिक सुरक्षा की तरफ केंद्रित करना है।
हील कंट्री! थीम, इस ज़मीन की ज़िम्मेदारी लेने और उससे जुड़ी हर चीज के लिए सम्मान दिखाने के बारे में है, जिसमें सभी जीवित चीजें, आध्यात्मिकता, पहचान, कहानियाँ और विश्वास शामिल है।
यह हजारों वर्षों से चली आ रही पारंपरिक भूमि प्रबंधन प्रथाओं को पहचानने के बारे में है साथ ही साथ यह देश की देखभाल के बारे में है।
स्टेसी पाइपर, एक वुरुंडजेरी हैं और विक्टोरियन NAIDOC समिति की अध्यक्ष भी हैं।
वह कहती हैं कि यह विषय ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हर व्यक्ति के लिए बेहद प्रासंगिक है।
हमारा मानना है कि स्वस्थ देश का मतलब है स्वस्थ लोग

स्टेसी पाइपर कहती हैं कि देश की देखभाल का मतलब महत्वपूर्ण स्थलों तक लोगों की पहुंच को सीमित करके, पवित्र स्थानों की रक्षा करना भी है।
वैली बेल, नग्गुनवल समुदाय से हैं , जो कैनबरा क्षेत्र एक पारंपरिक संरक्षक के रूप में सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए काम करते हैं। वह कुछ महत्वपूर्ण स्थलों की संस्कृति को समझने की बात करते हैं।

सिडनी के सीबीडी से 25km उत्तर में कु-रिंग -गाइ चेस नैशनल पार्क है।
यहाँ 350 चिन्हित आदिवासी स्थल हैं और आप इस भूमि के पारंपरिक वासियों द्वारा बनाई गई रॉक कला और नक्काशी को देख सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण स्थल आपको हमारे शहरों के बीच में भी मिल जाएंगे।
पर्थ में किंग्स पार्क एक महत्वपूर्ण औपचारिक और सांस्कृतिक क्षेत्र है, जहाँ आपको बूजा गर्निंग वॉक मिलेगी ।
यह वॉकिंग ट्रैक पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग पारंपरिक भूमिकाओं को दर्शाता है।
मेलबर्न में, एक नया मोबाइल ऐप बनाया गया है जो आपको वास्तविकता का एक अलग अनुभव प्रदान करता है। येलिंगुथ ऐप आपको फिट्ज़राय के आदिवासी इतिहास से जोड़ता है। इमर्सिव साउंड, जियोलोकेशन और हेडफ़ोन का उपयोग करके, आप प्रसिद्ध गर्ट्रूड स्ट्रीट पर चल सकते हैं।
आपको बता दें बता दें कि यालिंगुथ ऐप इसी महीने मेलबर्न में लॉन्च हुआ है।
स्टेसी पाइपर का कहना है कि इस साल की NAIDOC वीक थीम बताती है कि इस भूमि और आदिवासी सांस्कृतिक विरासत की देखभाल करना एक ज़िम्मेदारी है जो हर ऑस्ट्रेलियाई को निभानी चाहिए।

NAIDOC सप्ताह खुद को शिक्षित करने, पर्यावरण में खुद को विसर्जित करने और यहां तक कि अपने परिवेश और अपने पहले राष्ट्र के लोगों की सांस्कृतिक विरासत को देखने के तरीके को बदलने का समय है।




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