हर साल 2 अप्रैल विश्व ऑटिज़्म दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसके तीन सबसे सामान्य वर्गीकरण हैं : ऑटिस्टिक डिसऑर्डर, एस्परजर सिंड्रोम और परवेसिव डेवलपमेंट डिसऑर्डर।
ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि हर 80 में से एक ऑस्ट्रेलियाई किसी न किसी प्रकार के ऑटिज़्म से ग्रस्त है और 2014 के बाद से इसमें अनुमानित 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मुख्य बातें :
- जैनेटिक शोध से पता चलता है कि अगर माता-पिता को ऑटिज़्म है, तो बच्चों में भी इसके विकसित होने की सम्भावना रहती है।
- ऑटिज्म युवा लड़कियों की तुलना में युवा लड़कों में अधिक पाया जाता है।
- प्रवासी समुदायों के 40,000 प्रतिभागियों को NDIS का समर्थन मिल रहा है।
समय रहते पता लगाना
शिशुओं और बच्चों में ऑटिज़्म खराब संचार से जुड़ा होता है, जिसमें उन्हें चेहरे के भाव, आंखों के संपर्क और शरीर की बुनियादी भाषा की कमी होती है।
कारी निकोल के बेटे चेस 18 महीने की उम्र तक एक सामान्य बच्चे की तरह बर्ताव कर रहे थे लेकिन उसके बाद उनमें बदलाव दिखने लगे। चेस ने अपने हाथों से ताली बजाना बंद कर दिया, अपने पसंदीदा गीतों के साथ गाना और यहां तक कि बोलने की कोशिश करना भी बंद कर दिया।

एक नए माता-पिता के तौर पर निकोल कहती हैं कि अपने छोटे बच्चे की स्थिति को समझना बेहद चुनौतीपूर्ण था। वह कहती हैं कि अभी वो स्थिति को बहुत बेहतर समझती हैं।
मैं कल्पना भी नहीं कर सकती कि स्पेक्ट्रम की सहायता के बिना मैं अपने चार साल के बच्चे को कैसे संभालती

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ। राज खिलान का कहना है कि कुछ संकेतों पर माता पिता को ध्यान देना चाहिए :
जब बच्चे का मौखिक और गैर-मौखिक संचार, सामाजिक संचार, सामाजिक और खेल कौशल उस उम्र के बाकी बच्चों से अधिक खराब होता है और बच्चा हर चीज़ को दोहराता है, तो आप इसे ऑटिज़्म के शुरुवाती लक्षण के तौर पर देख सकते हैं
प्रवासियों और शरणार्थियों के लिए चुनौतियाँ अधिक हैं
बच्चों के विकास में कई पहलुओं का होना ज़रूरी है। दोस्त बनाना और अपने साथियों के साथ मजबूत संबंध बनाना बच्चे के विकास का हिस्सा है।
लर्निंग फॉर लाइफ ऑटिज्म सेंटर की प्रमुख मनोवैज्ञानिक सारा वुड कहती हैं, ऑटिस्टिक बच्चों को अक्सर ऐसे कनेक्शन विकसित करने में मुश्किल होती है। ऐसे में परिवार के सदस्यों का स्थिति को समझना बेहद ज़रूरी है।
बच्चों में सामाजिक कौशल विकसित करना बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उन्हें सामान्य जीवन जीने में मदद कर सकता है।
[autistic kids]
ऑस्ट्रेलिया में ऑटिज़्म के लिए समर्थन
निकोल रीस, अमेज, जो कि एक नॉट-फॉर-प्रॉफ़िट संगठन है उसकी उप-मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। यह संगठन पिछले 50 सालों से विक्टोरिया में ऑटिस्टिक समुदाय की मदद कर रहा है। इस संगठन को ऑटिस्टिक बच्चों के परिवारों द्वारा स्पेक्ट्रम के बारे में जागरुकता पैदा करने और प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए स्थापित किया गया था।
ऑटिज़्म को नेविगेट करना किसी भी ऐसे परिवार के लिए मुश्किल हो सकता है, जो इससे जूझ रहा है लेकिन इससे भी ज्यादा यह कठिन उनके लिए है जो ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य और सहायता प्रणालियों को ज्यादा नहीं समझते या जिन्हें अंग्रेज़ी भाषा समझने में दिक्कत है।
ऑस्ट्रेलिया में विकलांगता सहायता प्रदान करने के लिए नेशनल डिसेबिलिटी इंश्योरेंस स्कीम NDIS की विकलांगता सहायता प्रदान करने के लिए लगभग सात साल पहले स्थापित की गई थी।
NDIS से समर्थन पाने वाले 430,000 ऑस्ट्रेलियाई लोगों में से 140,000 लोग ऑटिज़्म के लिए समर्थन लेते हैं और उसमें ज़्यादातर बच्चे हैं। यह आंकड़ा इस योजना के सबसे बड़े विकलांगता समूह के रूप में देखा जाता है।
NDIS एक सामुदायिक कनेक्टर कार्यक्रम और एक अनुवाद सेवा भी लोगों तक पहुंचता है। इस कार्यक्रम को बहुसांस्कृतिक और विविध समुदायों तक पहुंचने के लिए डिज़ाइन किया गया है और यह लक्षित प्रयास का हिस्सा है । इस कार्यक्रम का मक़सद इस योजना के बारे में जागरूकता और समझ सुनिश्चित करना है जिससे लोग इसका उपयोग कर सकें।

ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम विकार के बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक पर जाएं
https://www.autismspectrum.org.au
Autism Connect helpline: 1300 308 699



