असम के बिपिन कश्यप को बचपन से ही वन्यजीवों, विशेषकर हाथियों से गहरा प्रेम रहा है। 16 साल की उम्र में जब उन्होंने एक हाथी की जान बचाई, तो वह पल उनके जीवन का यादगार और निर्णायक अनुभव बन गया। तभी से उन्होंने हाथियों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हुए उनकी सुरक्षा और देखभाल के लिए खुद को समर्पित कर दिया।
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