ब्रह्मपुत्र नदी के बारे में भारत में सनातन धर्म के लोगों की मान्यता है कि यह नदी ब्रह्मा का पुत्र है। वहीं बौद्ध धर्म के लोग मानते हैं कि ब्रह्मपुत्र नदी एक बड़ी झील चांग थांग पठार से निकली है। हिमालय में कैलाश पर्वत के पूर्व में मानसरोवर झील के पास से उद्गम वाली इस नदी का मार्ग तिब्बत से गुजरता है। तिब्बत में इसे सांगपो कहा जाता है। यह नदी असम घाटी में बहती हुई बांग्लादेश में प्रवेश करती है। और वहाँ से यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
ब्रह्मपुत्र नदी की एक अनोखी सांस्कृतिक झलक माजुली आइलैंड पर मौजूद है - जो दुनिया का सबसे बड़ा नदी द्वीप है! यह जगह चाहे वृंदावन से काफी दूर है पर मान्यता है कि हिन्दु धर्म के पूज्य कृष्ण अपनी सखियों के साथ यहाँ रासलीला करते थे।
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मिशमी जनजाति का रंगबिरंगा त्योहार अली आई लांह फरवरी और मार्च माह में एक अलग माहौल बनाता है।असम में इस नदी पर सेतु हैं जो दो कई जगहों को जोड़ते हैं।

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